ऐसा होता है तो क्यों होता है ?
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|   Aug 10, 2017
ऐसा होता है तो क्यों होता है ?

रागिनी बहुत देर तक विचारों की आंधी से घिरी रही ,आखिर ऐसा होता क्यों है ? सास ने बताया कि मंजरी उसकी बड़ी जेठानी का फ़ोन आया था कि उनके माँ बाप उनसे मिलने जयपुर जा रहें है | रागिनी ने चहकर बोला "अरे वाह कुछ दिन तो मंजरी दी के मज़े ही मज़े !अपने घर में मायके का आनंद आ जायेगा !

ख़ुशी के भाव चेहरे पर आ भी नहीं पाए थे ,सास ने गरजते हुए बोला " डंडा गाडकर रहने नहीं आये ,सुरेश ,(उनका बड़ा बेटा और मंजरी दी का पति )चार दिन में उन्हें घर का रास्ता दिखा देगा|उसे अपने सास -ससुर बिलकुल पसंद नहीं ! पहले ज़माना ही ठीक था लड़की के घर का पानी तक नहीं पीते थे ,आजकल तो लोग आधुनिक बनने के चक्कर में सारी मर्यादाएं और लोकलाज भूलते जा रहे है |

रागिनी का मन तिक्ता से भर गया ,जैसे ढेर सारी मिर्ची उसके मुँह में ठूंस दी गयी हो !

फिर सासु माँ जो उसके घर कुछ महीनो के लिए आयी थी ,हर दिन एक अलग सी बेचैनी में रहने लगीं | जैसे किसीने उन्हें सिंहासन से उतारने की जुर्रत कर दी हो !हर दिन उनका फ़ोन करना और हद जब तीसरे दिन मंजरी की माँ से सीधे सीधे पूछ लिया कि कबतक का प्रोग्राम है ? कब जा रहीं है आप ?

रागिनी का सासु माँ के आने का सारा उत्साह जाता रहा | कितनी सारी रेसिपीज़ सीख डाली थी ,शादी के बाद  पहली बार उसके घर, सासु माँ जो आ रही थी, पर उसका कुछ बनाने का उत्साह न हुआ |

कुछ दिन उधेड़ बुन में रहने के बाद ,शनिवार की शाम जब उसके पति राजेश की छुट्टी थी ,उनके सामने ही वह चाय पीते सासु माँ से पूछ ही बैठी " ऐसे शादी होने की उम्र क्या होनी चाहिए ?

सासु माँ " लड़की की यही कोई -20 -22 और लड़कों की यही 27 -28 "

रागिनी " माँ फिर लड़की से क्या उम्मीद करतीं है आप ?

सासु माँ " क्या उम्मीद करना है ,नए घर को अपना घर समझे और सास -ससुर को माँ -बाप का दर्ज़ा दे और क्या ? इस बार थोड़ा चिढ़कर जवाब दिया |

राजेश समझ नहीं पा रहे थे कि रागिनी का इशारा आखिर किस ओर है ?

रागिनी ने नम्रता और ढृढ़ता  से जवाब दिया कि माँ जब आप चाहती है कि 22 साल तक लड़की जिस माँ बाप के घर में रही उसके घर में उसके माँ -बाप को कुछ दिनों के लिए बर्दाश्त न किया जाये और लड़की के मन में सास -ससुर के लिए प्यार पनप जाये ,यह तो मुश्किल है| जिस तरह लड़की अपने पति के पिता और माँ को स्नेह देती है ,पति को भी उसके माँ -बाप के लिए वैसे ही आदर रखना चाहिए तभी रिश्ते चल सकतें है वरना रिश्ते में बस मुखौटे ही चलेंगे |

राजेश और सासु माँ को हक्का बक्का छोड़ कर रागिनी शाम के दिए की तैयारी में जुट गयी | 

सारे पतियों से मेरा आज यही सवाल है ,जब आप अपनी पत्नियों के सर पर अपने घर की सारी जिम्मेदारियां आराम से डाल देते है, और हमेशा परफेक्शन की गुहार लगाते हैं | एक बार ऐसा परफेक्शन आप भी दिखाएं | जमाई से बेटे बनने के लिए अगर आप दो कदम बढ़ाएंगे तो आपकी पत्नी भी रिश्ते मज़बूत करने के लिए दस कदम बढ़ाएगी | मेरा विश्वास करें |

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