मानसून और बीमारियाँ- इलाज से ज्यादा बचाव है जरूरी
1405
15
|   Jul 14, 2017
मानसून और बीमारियाँ- इलाज से ज्यादा बचाव है जरूरी

मानसून दस्तक दे चुका है तो बारिश के दौरान होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं पर बात करना ज़रूरी है .क्योंकि अक्सर मौसम में हुए अचानक बदलाब के लिए हमारा शरीर अंदरूनी तौर पूरी तरह से तैयार नहीं होता है. नतीजा यह होता है कि हमें कई तरह की बीमारियां घेर लेती हैं. इसी मौसम में रोग जनित कीटाणु और बैक्टीरिया के पैदा होने की अनुकूल परिस्थितियां भी बनती हैं. बाद में यही रोग जनित कीटाणु और बैक्टीरिया संक्रामक बीमारियाँ फैलाते हैं जिन की चपेट में पूरा परिवार तक आ जाता है. कैसे बचे इन मानसून के साथ आई बीमारियों से आइए, जानते हैं.

मानसून से संबंधित बीमारियाँ मुख्य रूप से निम्नलिखित प्रकार की होती हैं:

याद रहे तापमान में अचानक गिरावट आने से विशेषकर उन लोगों को स्वास्थ्य समस्याएं ज्यादा होती हैं जो एलर्जी या अस्थमा से पीड़ित होते हैं.

सर्दी जुकाम बारिश के मौसम में अक्सर सर्दीजुखाम उमस भरी परिस्थितियों में पैदा होने वाले वायरस के चलते होता है. इस दौरान खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है. बचाव के लिए 1 चम्मच शहद रोजाना लें और विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों जैसे आमला, नींबू,  मौसमी व संतरे आदि का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें.

लेप्टोस्पायरोसिस- बरसात के दिनों में फैलने वाली यह संक्रामक बीमारी लेप्टोस्पायरोसिस इंसानों को ही अपनी चपेट में लेती है. गंदे व दूषित पानी व जानवरों के संपर्क में रहने से इस बीमारी के होने की संभावना ज्यादा रहती है. डायरिया डायरिया विशेष तौर पर रोग जनित विषाणु, बैक्टीरिया या परजीवी संक्रमण के चलते हमें अपनी चपेट में ले लेती है. सामान्य तौर पर डायरिया दूषित भोजन और पानी ग्रहण करने, गंदे हाथों से फैलता है. डायरिया से निपटने के लिए अधिक से अधिक मात्रा में उन तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए जिनमे नमक और पानी की प्रचुर मात्रा हो. जैसे नारियल पानी, सूप, सेब का रस, छाछ, और दही. इन तमाम उपायों के बाद अगर फिर भी आराम न हो तो किसी चिकित्सक से तुरंत परामर्श लेना चाहिए.

टाइफॉइड टाइफॉइड भी अक्सर इन्ही दिनों ज्यादा फैलता है. 4-5 दिनों से अधिक समय तक लगातार तेज बुखार आए, सिरदर्द, दस्त और पेट में दर्द रहे और साथ में शरीर में रैशेज (लाल सफ़ेद चकते) पड़ने लगें तो समझ जाएं आपको टायफाइड अपनी गिरफ्त में ले रहा है. सामान्यतया यह बीमारी दूषित भोजन और पानी के माध्यम से फैलती है. इस से बचने के लिए जितना संभव हो बाहर का खाना खास तौर से खुले में बिकने वाला खाने से परहेज करें. टायफायड की वैक्सीन भी निवारक उपाय के रूप में भी उपलब्ध हैं.  

मलेरिया- मलेरिया से पीड़ित मरीज अक्सर बुखार, ठंड  और फ्लू जैसे बीमारी का अनुभव करते हैं. इसे हलके में लेने की गलती नहीं करनी चाहिए

डेंगू बुखार- डेंगू बुख़ार अक्सर बरसात के दिनों में जहाँ तहां पानी भर जाने के दौरान फैलता है. डेंगू के मरीज को आमतौर पर तेज ज्वर (लगभग 104 फारेनहाट से -105 फारेनहाट) रहता है. अन्य लक्षणों में  सिरदर्द, त्वचा पर चेचक जैसे ला��� चकत्ते तथा मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द शामिल है. इस से बचने का यही उपाय है घर के आसपास कहीं पानी न जमा होने दें ख़ास तौर से साफ़ पानी. क्योंकि डेंगू फैलाने वाला मच्छर साफ़ पानी में ही पैदा होता है. 

चिकिनगुनिया-  चिकिनगुनिया की बीमारी भी ठीक उसी तरह से अपनी चपेट में लेती है जैसे डेंगू का बुखार. हालांकि डेंगू की तुलना में चिकनगुनिया ज्यादा खतरनाक और जानलेवा रोग है. क्योंकि यह लंबे समय तक जोडों के भारी दर्द से परेशान रखता है. इस बीमारी में तेज बुखार भले ही 2 से 5 दिन के लिए रहे लेकिन जोडों का दर्द हफ़्तों, महीनों, कई मामलों में तो यह सालों तक परेशान करता है.

त्वचा संबंधी समस्याएं- बरसात के दिनों में  बड़ों और बच्चों को त्वचा संबंधी दिक्कतें जैसे स्किन एलर्जी, रैशेज आम हैं.

इलाज से बेहतर है बचाव-. मानसून में होने वाली बीमारियों से बचने के लिए कुछ सुझाव

  • पूरी बांह के कपड़े पहने. ताकि मच्छरों से काटने से बचा जा सके.
  • जितना हो सके बाहर का खाना खाने से परहेज करें. घर में बना हुआ साफ़सुथरा खाना खाएं और शुद्ध जल पियें.
  • घर की नियमित साफ़सफाई करें और सुनिश्चित करें घर, गली के आसपास भी गंदगी न फैले..
  • घर, दफ्तर में इस्तेमाल होने वाली कूड़ेदान को हमेशा ढक कर रखें.
  • यदि सनस्क्रीन का उपयोग कर रहे हैं, तो इसे सोने या बहार निकलने से 20 मिनट पहले इस्तेमाल करें.
  • फूलों के गमलों या मनी प्लांट जैसे पौधों के जार का पानी बारबार बदलें, बर्तनों को नियमित रूप से खाली करें या उन्हें उल्टा रखें ताकि उनमें बरसात का पानी जमा न हो सके.
  • शिशुओं और नवजात शिशुओं को मच्छरदानी में सुलाएं तो बेहतर होगा.

 

Read More

This article was posted in the below categories. Follow them to read similar posts.
LEAVE A COMMENT
Enter Your Email Address to Receive our Most Popular Blog of the Day