पिज्ज़ा डिलीवरी बॉयज़ ने खोए हुए बच्चे को मातापिता तक पहुंचाकर दी मानवता की मिसाल
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|   Jun 19, 2017
पिज्ज़ा डिलीवरी बॉयज़ ने खोए हुए बच्चे को मातापिता तक पहुंचाकर दी मानवता की मिसाल

इस दुनिया में कोई भी भला काम लोगों की नज़र से छुपा नहीं रह सकता। ऐसे कार्य हमारा मानवता और अच्छाई में विश्वास पहले से भी मज़बूत बना देते है। हम अगर किसी असुविधाजनक या बुरी समस्या में फसे हों और अगर ऐसे में कोई आकर, बिना किसी स्वार्थ के मदद का हाथ आगे बढ़ाएं तो हमारा भगवान पर भी विश्वास मजबूत हो जाता है।

हाल ही में इस प्रकार की एक घटना हमे चंडीगढ़ के जीरकपुर में देखने को मिली जहाँ डोमिनोज़ पिज्ज़ा के दो डिलीवरी बॉयज़ ने 5 वर्ष के बच्चे को बचाया , जिसका एक कारजैकर द्वारा अपहरण  किया गया। वह उस बच्चे के माता पिता की ज़िन्दगी में भगवान बनकर आए।

यह बच्चा अपने माता पिता के साथ आइस क्रीम खाने आया था। माता पिता गाडी से उतरकर बच्चे के लिए आइस क्रीम खरीदने लगे तो इतने में अचानक से कहीं से एक अनजान व्यक्ति ने उस बच्चे की माँ के सर पर बंदूक रखी और गाड़ी लेकर भाग गया। वह बच्चा  गाड़ी में पहले से ही मौजूद था। बाद में इस चोर ने बच्चे को जीरकपुर की वीआईपी रोड पर डोमिनोज की दूकान पर उतार दिया।

वहां काम करने वाले सुरेंदर सिंह और हरप्रीत सिंह को जब एक ग्राहक द्वारा किसी रोते बच्चे की खबर मिली तो यह दोनों तुरंत ही इस बच्चे की मदद करने आगे आए। इन दोनों ने आसपास के सभी घरों में इस बच्चे के बारे में पूछताछ की लेकिन फिर भी इन्हे कोई जानकारी नहीं प्राप्त हुई।  

अचम्भे की बात है की, किस्मत  से इस बच्चे के पास अपने पिता के बैंक की पासबुक थी। इन दोनों ने उसपर लिखे नंबर पर सम्पर्क करने की कोशिश की लेकिन किसी से बात नहीं हो पाई। सभी कोशिशें करने के बाद वह दोनों इस बच्चे को पुलिस थाने ले गए जहाँ पहले से ही इस बच्चे के माता पिता कम्प्लेन करवाने पहुंचे हुए थे।

खोए हुए बच्चे को सुरक्षित पहुँचाकर उस दिन इन दोनों डिलीवरी बॉयज़ ने एक मातापिता को उनके जीवन की सबसे बड़ी ख़ुशी दी थी।

बच्चे के खो जाने पर किसी भी मातापिता के दिल पर क्या बीतती है इसका अंदाज़ा लगाना कोई मुश्किल काम नहीं है ।

यह घटना सभी माता पिता के लिए एक उदाहरण है कि उन्हें अपने बच्चों को अजनबी लोगों से सुरक्षित रहने शिक्षा देनी चाहिए। आपको अपने परिवार में सुरक्षा के लिए कोई गुप्त शब्द या संकेत रखना चाहिए।  अपने बच्चों को सिखाएँ की किसी अजनबी द्वारा हमला होने पर चिलाएँ, उसे काटें या आसपास के लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश करें और सबसे महत्वपूर्ण है की आप उन्हें अपना  फ़ोन नंबर अच्छे से याद करवा दें। अगर आपका बच्चा बहुत छोटा है तो आप  अपना नाम व नंबर किसी वाटरप्रूफ बैंडेज से उनके हाथ पर बाँध भी सकते हैं, क्योकि आपके बच्चे की सुरक्षा केवल आपके हाथों में है।

 

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