बचपन को बचपन ही रहने दो।
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|   Jul 20, 2017
बचपन को बचपन ही रहने दो।

हम अपने आसपास देखते है की आजकल हर जगह बराबरी चल रही है पति और पत्नि मे ।चाहे वो जाब करना हो पैसा कमाना हो या गाड़ी चलाना।शादी के पहले तो ठीक है पर दिक्कत तो शादी के बाद बच्चों के बाद होती है जब पति या पत्नि मे से कोई भी बच्चो की जिम्मेदारी उठाना नहीं चाहता।तब बच्चो की परेशानी शुरू होती है औऱ उनका बचपन खत्म हो जाता है।जब उनके बचपन मे खेलने के दिन होते हैं वे चाहे बीमार हो या उनका ज्यादा सोने का मन हो उन्हें अपनी मम्मी या पापा के साथ बेबी सिटर या कीसी आया के पास जाना होता हैं। मैं मानती हु कि उनके पेरेंटस जो कर रहे हैं वो बच्चो के भविष्य के लिए करते हैं पर बच्चो का बचपन छीनना कहा का न्याय हैं। बच्चो का जीवन तो उनको बेफि्क जी लेने दो। पैसे का क्या है वो तो बाद मैं भी कमा सकते है,पर बच्चौ का बचपन चला गया तो वो बाद मे वापस नहीं लाया जा सकता।अगर आपने अभी बच्चों पर ध्यान नहीं दिया औऱ पैसा कमाने मे ही ध्यान दिया तो एक समय ऐसा भी आएगा जब वहीं बच्चा जब बड़ा होगा और आपको उसकी जरुरत होगी तब वह भी पैसा कमाने मे लगा होगा।मैं ऐसा भी नहीं कहती की महिलाओं को जाब नहीं करनी चाहिए करनी चाहिए पर तब जब बच्चौ को संभालने वाला कोई परिवार का सदस्य उपलब्ध हो वरना बच्चों के थोडा बडा होने का इंतजार करना चाहिए।

मैं इसी से संबंधित एक घटना आपके साथ शेयर करना चाहती हू ।बात मेरे पडोस की हैं घर मैं पति पत्नि औऱ उनकी ४ महीने की प्यारी सी बच्ची रहती थी।बच्ची का जन्म हुआ उसके बाद ३ महिने तो छुट्टी के कैसे निकल गये पता ही नहीं चला फिर आया चौथा महिना जब पत्नि जो कि स्कूल मे शिक्षिका थी उन्हे ज्याइन करना था । उनके स्कूल मे इतने छोटे बच्चे को रखने की व्यवस्था न थी तो उसे बेबी सीटर मे रखकर स्कूल जाने लगी। ६-७ महीने गुजर गये । फिर एक दिन जब वो स्कूल पहुंची तो याद आया कि अपना पर्स तो बेबी सिटर मै ही भूल गयीं है जब वे वापस अपना पर्स लेने पहुँची तो देखा कि उनकी बेटी सो रही थी उनको बडा आश्चर्य हुआ कि रात भर मे अच्छे से अपनी नींद पुरी करने वाली उनकी बेटी कैसे सो रही है। उसको बहुत उठाया पर वो नहीं उठी।फिर उसको डाक्टर के पास ले गये तो डाक्टर बोले कि उनकी बेटी को नशे का इंजेक्शन दिया गया है,औऱ ऐसा बहुत समय से हो रहा हैं।ये सुनकर तो पति पत्नी के पाव के निचे से जैसे जमीन खसक गई। ऐसा कई बार सुनने मे आता है, पर फिर भी अपने छोटे छोटे बच्चो को आया या बेबी सिटर के भरोसे छोड़कर पति पत्नी जाब करते हैं। 

यह मेरे मन की बात मेंंने आपके सामने रखी हैं आपको अगर पसंद आई तो लाईक जरुर कीजियेगा।

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