हरियाली 🌳और रास्ता 🐾
3315
1
2
|   Feb 15, 2017
हरियाली 🌳और रास्ता 🐾

आओ कुछ नया करते हे

फिर से उन्ही रास्तों पर लौट चलते हे

अपने बच्चों की ऊँगली पकड़ दौड़ लेते हे

आओ कुछ नया करते हे !

पौधें चैन से जहाँ सुबह

आँखें खोलते हे

अभी भी प्रकृति माँ की गोद में

नन्हें पुष्प चैन की सास लेते हे

आओ कुछ नया करते हे

फिर से उन्ही रास्तों पर लौट चलते हे

आओ कुछ नया करते हे !

एक दिन शाम को जब में बाज़ार में ख़रीदारी करने गयी तो मैंने एक टेबल पर बड़े बड़े प्यारे प्यारे पौधे देखे ।में भी ऐसे ही छोटे छोटे गमले अपने हाथ से रंग थी हूँ , उन में पौधें लगाती हूँ और फिर उन्हें अपने दोस्तों को उपहार के रूप में दे देती हूँ । मैंने जैसे ही पौधें देखे छोटे बच्चे की तरह मेरी आँखें उन पर ही अटक गयी ।

बड़े ही प्यारे ढंग से उन्हें लगाया गया था ...ऐसे लग रहा था जैसे वो मुझे कह रहे हों हमें भी घर जाना हे आपके साथ ।ये काम किया था पड़े लिखे और अच्छी मल्टीनैशनल कोंपनियों में काम कर रहे हे नौजवानों ने ,जिनकी आँखों में भी यही सपना था की लोगों में पौधों को लेकर जगरूकता बड़ाई जाए।

मैंने भी एक प्यारा सा फ़िस्कस का नन्हा सा पौध अपनी बेटी के लिए ख़रीदा और उनसे ये वादा किया कि मेरी सॉसाययटी में हम मिलकर स्टॉल निश्चित लगायेंगे ।

जी हाँ हम सब को मिलकर ही अपने आने वाली पीडी के लिए कुछ करना होगा ...आइए हम सब नन्हें नन्हें हाथों से छोटे छोटे पौधें बटवाएँ । हमारी ये छोटी सी कोशिश बोहात बड़ा बदलाव ला सकती हे ।

Read More

This article was posted in the below categories. Follow them to read similar posts.
LEAVE A COMMENT
Enter Your Email Address to Receive our Most Popular Blog of the Day