बहु
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|   May 12, 2017
बहु

नमस्कार दोस्तों

ये कहानी है एक रीना की ,रीना शादी कर के ससुराल को विदा हुई ।माँ पापा सब से विदा लेते हुये रीना का दिल बहुत टूटा ।ससुराल जाकर रीना के साथ सारी रसम की गयी जो हर नई बहू के साथ कि जाती है । 

शाम को ही रीना की मुह दिखाई भी थी ,साथ मे महिला संगीत की तैयारी भी थी पड़ोस की और रिश्ते की सभी औरतो आ चुकी थी  । तभी की रीना सास ने कहा बहु तुम भी तैयार हो जाओ सभी औरतो आ चुकी है,और सुनो अभी तुम अपने पिता के यह वाले गहने पहनना हमारे यहां रिवाज है  मोहहले की सब औरत देखती है।

नई नवेली रीना अब थोड़ा सोच मे पड़ गयी सोचा मेरे पिता ने तो मुझे ज्यादा कुछ दिया नही है, अब अगर मै माजी से कहो तो कही ऐसा न हो मांजी मेरे पिता को ही खरी खोटी सुना दे मेरे पिता की कही बेज़्ज़ती न हो और बाकी की औरतें भी कही मांजी से कुछ न कहे।

बहुत देर सोचने के बाद आखिर कार रीना तैयार हो गयी कान के कुंडल हाथ की चूड़ी और गले में एक चैन थी जो रीना अपने पिता के घर से लेकर आई थी, 

रीना के पिता एक छोटी सी नोकरी करते थे जिस मे चार बच्चे को लालन पालन पढ़ाई लिखाई पड़ी  मुश्किल से होता था ।रीना की शादी के लिए भी उन्होंने उधार लिया था और जो उनसे बन पड़ा था सब अपने बेटी को दिया था।

बहु बन के जब एक औरत सोचती है तो कितना कुछ बदल जाता है एक बेटी से बहु तक के सफर मे, अपनी तरफ से हर पिता ज्यादा से ज्यादा देना चाहता है अपनी बेटी को कोई यह नही सोच ता की एक पिता ने अपने कलेजे का टुकड़ा दिया है। पर दहेज़ कितना दिया है यह सब सोचते है। 

रीना की तरह बहुत सी लड़किया है जिनके पिता उन्हें ज्यादा नही दे पाते पर इसका मतलब यह नही की आप शर्मिंदा हो बल्कि गर्व से  कहे मेरे पिता ने मुझे संस्कार दिए है।

सब यही पुछते थे बहु क्या लायी कोई नही पुछता बहु क्या छोड़ आयी ।

दोस्तो स्टोरी अच्छी लगे तो राय जरूर दे अपनी ।

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