थोड़ा बोर होने दीजिये बच्चो को , इनके लिए अच्छा हैं!
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|   Feb 21, 2017
थोड़ा बोर होने दीजिये बच्चो को , इनके लिए अच्छा हैं!

दृश्य -1 : कुछ दिन पहले मैं अपने अपार्टमेंट के बाहर अपने बेटी की बस का  इंतज़ार कर रही थी। तभी एक छोटा लड़का शायद १० वर्ष का होगा अपनी मम्मी के साथ कही के लिए निकल रहा था। पर यह क्या हाथ में मोबाइल, उस पर गेम , नज़रे उस पर और खुली सड़क जिस पर गाड़ियों का आना जाना लगा हुआ था। वह बस गेम खेलने में मग्न था और उसकी मम्मी उसको खींच कर ले जा रही थी।

दृश्य -२ : मेरी सहेली का फ़ोन आया बहुत महीनों बाद। हाल चाल पूछे और यह भी पूछा कहाँ व्यस्त रहती हो ? इतने दिनों से फ़ोन भी नहीं किया हमेशा मैं ही करती हूँ। जवाब आया ," फ़ोन खाली नहीं रहता , बच्ची गेम खेलते रहते है जब तक उसकी बैटरी ख़त्म नहीं हो जाती। मैं हैरान की ऐसा भी होता है।

खैर अब टेक्नोलॉजी की दुनिया के बच्चे हैं और यह सब उपकरण इनके बाए हाथ का खेल है। पर क्या सिर्फ यही एक खेल हैं ?

पिछले हफ़्ते मैं एक स्कूल में गयी अपने बच्चॊ के एडमिशन के लिए , वह भी प्रिंसिपल साहिबा बोली की अक्सर मैं देखती हु की जब भी बच्चे कहते है हम बोर हो रहे है , माता- पिता उनको चुप कराने के लिए हाथ में मोबाइल दे देते हैं। आसान काम है सेकंड में काम पूरा हो जाता है। पर बहुत से लोग यह नहीं जानते की इनकी बोरियत का उपाय मोबाइल में कतई नहीं है। जब बच्चे बोर होतें है तो वह अपने को व्यस्त रखने के लिए कुछ कोशिश करते है। शायद चार किताबे निकालेंगे , कुछ गेम्स खेंलेगे या पेंटिंग करेंगे। पर इनको मोबाइल पकड़ना मतलब इनकी सोच को ख़तम करने के बराबर है। अब तो काफी सारी रिसर्च भी इस बात को मानती है की कम से कम पांच साल तक के बच्चे को इन चीज़ों से दूरी बनाये रखे। उनकी सोच और रचनात्मताका को पूर्ण विराम ना लगाइये।

मैंने अक्सर यह देखा है की जब भी में टेलेविजन को बंद करने को कहती हू जो टाइम के अनुसार चलता है उसके बाद मेरे बच्चे खोजते है क्या करें। उनको पता है मोबाइल या कंप्यूटर पर गेम नहीं है और ना ही कोई खेलता है ना उनको इज़ाज़त है। वह लोग अपनी बोरियत का इलाज़ खुद ही निकालते है। थोड़ी पुराणी कहानी की किताबें , कोई बोर्ड गेम्स , कुछ खेल कूद, स्केटिंग , पेंटिंग ,क्राफ्ट का काम शायद अनगिनत चीज़े जो उनको कुछ सिखाती है। ऐसा नहीं है की इनको बिलकुल कंप्यूटर की दुनिया की अलग़ किया हुआ है। जितना जरुरत है उतना उनको आता है पर शायद इतना नहीं की उसकी आदत ही पड़ जाए।

जब बच्चे बोले की वह बोर हो रहे है , उनको बोले देखो क्या कर सकते हो अपने को व्यस्त रखने के लिए। किताबे पढने को दे कुछ खेलने को दे पर थोड़ा बोर होने दें।  बोर होना उनके विकास के लिए अच्छा हैं।

 

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