पाकिस्तान की माँ बेटी की कहानी
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|   Feb 06, 2017
पाकिस्तान की माँ बेटी की कहानी

पाकिस्तान की एक माँ बेटी की कहानी

सफलता की उमंग लिए ,

उमंगो में तरंग लिए ,

कुछ अलग सपने लिए ,

चले एक विचित्र राह की ओर ।

ये कहानी है पाकिस्तानी की जहां लडकियों को सिर्फ पैदा करके शादी के लिए छोड़ दिया जाता है, जहां लडकियों के लिए १०वी कक्षा पास करना एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है ।

वही कराची की एक लड़की राजिया बानू और उसकी माँ हलीमा बोक्सिग की तयारी कर रही है , रज़िया कहती है यहाँ लोग सोचने से भी डरते है कि कैसे एक लड़की बॉक्सिंग जैसे बड़ी चीज को अपना सपना बनाना चाहती है।

यहाँ पर सभी लडकियों की पढाई ख़त्म होने के बाद उनकी शादी की तयारी में जुट जाते है , वही रज़िया बॉक्सिंग ओलंपिक्स को अपना सपना बना चुकी है और उसकी माँ हलीमा भी उससे प्रेरित होकर उसके साथ बॉक्सिंग कक्षा ले रही है ।

उनका सपना बॉक्सिंग कोच बनने का है ।

वो कहती है उन्हें वो काम पसंद है जो दूसरी औरते नहीं कर सकती, वो रोज अपनी बेटी के साथ दो घंटे की ट्रेनिंग लेती है।

उनके कोच युनुस कहते है की ऐसा यहाँ पहले कभी नहीं हुआ की माँ बेटी एक साथ बॉक्सिंग करे, ये एक बहुत फक्र की बात है की एक माँ अपनी बेटी को देश का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित करे।

युनुस और भी लडकियों को बॉक्सिंग करने के लिए प्रेरित करते है ।

रज़िया की माँ का कहना है की वो किसी के भी कहने से नहीं रुकेगी ।

रज़िया और उसकी माँ हलीमा और उनके कोच युनुस को सलाम जो सभी विरोधी धाराओ से लड़ते हुए अपनी सफलता की और कदम बड़ा रहे है।

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