Importance of people
1100
1
1
|   Jul 24, 2017
Importance of people

Aactually मेरे नही सभी के साथ ये हुआ है या हो रहा होगा जो घर में इकलौते नही होते है, उन्होंने जरूर महसूस किया होगा हर पल आपकी तुलना आपके बड़े से या छोटे भाई बहन से की जाती है बिना ये समझे की या तो वो आपसे बड़े होने के कारण अनुभवी है या छोटे होने के कारण किसी ने प्यार से उनकी गलती को पहले ही छुपा दिया या सही कर दिया है  । पर आपके पास ऐसा कोई नही होता जो आपकी बात को सुन या समझ सके। आपकी सारी चीजे चाहे वो आपकी पसंदीदा ही क्यों न हो छोटे को दे दी जाती है और आपको मिलती है समझाइश कि आपको अब बड़ो जैसे समझदारी से छोटे का ध्यान रखना चाहिए ।और जब आप यही करने जाते हो तो आप उसे गलत सीखा रहे हो या बिगाड़ रहे हो। 

यहाँ मम्मी पापा या घर के बड़े ये क्यों नही समझते कि हर किसी का दिमाग दिल , काम करने का तरीका अलग होता है , तुलना करके बस वो बच्चे को निराश या गुस्से से भर देते है। क्योंकि जब आपके घर वाले ही आप पर भरोसा नही करते तो दूसरो से क्या उम्मीद लगाई जा सकती है।

सिर्फ एक की pasand का ध्यान रखना उसके बारे में ही हमेशा बात करने से बेहतर है हम सभी को बराबर का महत्व दे क्योंकि है तो सब आपके ही आपका ही व्यवहार उनके अंदर उतर कर कल न जाने आपको क्या परिणाम दे।

हम बच्चों के बीच में भेदभाव चाहे ये सोच कर करने लगे हो की जो कमजोर है उस पर ज्यादा प्यार लुटाए ,उसे पर मेहनत कर उसे काबिल बनाए पर हमारा over sensitive होना बच्चे को हर पल के लिए हमारा आदि बना देगा या उसे बिगाड़ देगा  । क्योंकि उसे पता है की वो कुछ भी करें आप है उसके लिए। 

हमारी यही आदत बच्चों से आगे बढ़कर हमारे दूसरे रिश्तों पर भी हावी हो जाती है। जैसे जो लड़का लाड का है उसकी biwi mean बहु कप हम कुछ नही बोलते और दूसरे की को बस नासमझ मान बिन मांगे ज्ञान दे जाते है। 

अगर ये सब आपके बेटो के बिच हो रहा है तो वो शादी बाद अपना नया घर बनाने की सोच ले तो फिर इल्जाम बहु पर देने से अच्छा है हम ही भेदभाव बन कर दे।चाहें वो बच्चों के बीच हो या बहुओ के। अपना भविष्य अपने हाथो मे।

Read More

This article was posted in the below categories. Follow them to read similar posts.
LEAVE A COMMENT
Enter Your Email Address to Receive our Most Popular Blog of the Day