स्तनपान एक महत्वपूर्ण आहार; एक नवजात शिशु के साथ साक्षात्कार
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|   Aug 07, 2017
स्तनपान एक महत्वपूर्ण आहार;  एक नवजात शिशु के साथ साक्षात्कार

मेरी पहली मुलाकात श्रीमान पाण्डेय (मेरे पापा )के साथ प्रसूति गृह में हुई थी , देखने में बड़े ही सहज और शांत स्वभाब के लग रहे थे किन्तु उनका सही स्वरूप मुझे आज तक समझ नहीं आया |

तीन घंटे पहले मैं गला फाड़ के रोते हुए इस खुबसूरत दुनिया में आया ,और जैसे ही बाहर आया एक हट्टी कट्टी महिला ने अपने हाथ में उठाते हुए मुझसे कहा “ अरे मेरे प्यारे बच्चे क्यों रो रहे हो ?”. जैसे ही मेने ये सुना मैं और जोर लगा कर रोया ,” अरे भाई नौ महीने एक अँधेरी गुफा में रहने के बाद अगर कोई आपकी आँखों पर चकाचौंध रौशनी डालेगा तो आप क्या करोगे “ मैंने अपने रोतले मुह से उसकी तरफ देखते मन में सोचा |

          थोड़ी देर के बाद उस हट्टी कट्टी महिला ने मुझे एक दूसरी महिला को दे दिया जो पास में ही एक पलंग पर लेटी हुई थी और दर्द से कराह रही थी | अपने हाथो में लेने के बाद ना जाने उस महिला को क्या हुआ उसने बड़े प्यार से मुझे देखा और रोने लगी , मुझे लगा की उसे और दर्द होने लगा है पर उसी पल वो हसने भी लगी अब तो मुझे कुछ समझ ने नहीं आ रहा था ये में कहा आ गया हु | वो हट्टी कट्टी महिला फिर से आई और कहने लगी “ आपका पहला शिशु है न , मैं आपकी परिस्थिति समझ सकती हु | आपको माँ बनने की बहुत बधाई, चलिए जल्दी से अपने शिशु को स्तनपान कराइए  ,उसने जन्म के समय पूरा हॉस्पिटल सर पर उठा लिया था रोते हुए , बड़ी जोर की भूख लगी होगी इसे “ और दोनों ने मेरा मासूम चेहरा देखा  और  ठहाका मारते हुए  हंसने लगी | बाद में मुझे पता चला की जिस महिला के हाथ में मुझे दिया गया था वो मेरी माँ थी, मेरी माँ ने मुझे अपने सीने से लगाया और फिर मुझे स्तनपान कराकर मेरी क्षुधा को शांत किया | जब में स्तन पान कर रहा था वो हट्टी कट्टी महिला फिर आई और मेरी माँ को स्तनपान के महत्त्व के बारे में बताने लगी | मैं आँखे बंद करके अपनी क्षुधा शांत कर रहा था और इन दोनों महिलाओ की बात सुन रहा था |

          “जो बच्चे शुरू से ही स्तनपान करते है उनमे निमोनिया ,सर्दी और कई अन्य बीमारियों से लड़ने की रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है “ हट्टी कट्टी महिला ने जोर देते हुए कहा | ये सुन कर मैंने अपनी भूख शांत करने की गति और तेज कर दी |

हट्टी कट्टी महिला ने आगे कहना शुरू किया “ नियमित स्तनपान करने से माँ को भी कई लाभ होते है ,जैसे स्तनपान कराने से रजोनिवृत्ति ऑस्टियोपोरोसिस(पोस्टमेनियोपॉज़िकल ऑस्टियोपोरोसिस) होने की सम्भावना भी कम हो जाती है , शिशु अपनी माँ के अन्दर उत्पन्न होने वाले अतिरिक्त कैल्शियम को भी दूध के माध्यम से अवशोषित कर लेता है| स्तनपान शिशु को बचपन में  होने वाले कई प्रकार के जानलेवा कैंसर के जोखिम को भी कम करता है साथ ही साथ माँ को होने वाले स्तन कैंसर के जोखिम को भी कम करता है “

इतना सुनने के बाद मेरी माँ ने मुझे देखा,मेरे सर को धीरे से चूमा और मेरे सर को सहलाने लगी | उनके ममतामयी स्पर्श की गहरी छाप मेरा शरीर पर पड़ने लगी थी |  उस दिन के बाद से माँ ने मुझे नियमित स्तनपान कराना जारी रखा और स्तनपान का समय मेरी हर प्रतिक्रिया को समझने में लगाया , जिसकी वजह से वो मेरी हर छोटी से छोटी जरुरत को बिना बोले ही समझ जाती थी | माँ के साथ मेरा बंधन दिन-ब- दिन मजबूत होता जा रहा था, इसमें थोडा बहुत योगदान मेरे पिता का भी जिन्होंन��� समय समय पर माँ की कुछ जिम्मेदारियों को बाटने की सफल कोशिश की | एक बार मेरे पापा ने मुझे माँ की तरह बोतल फीडिंग करके मुझे बुध्दू बनाने की कोशिश की लेकिन मैंने उन्हें बुध्दू बना दिया और माँ के साथ मिलकर पापा के बहुत मजे लिए |

और आज हम तीनों एक  साथ  बहुत मजबूत भावनात्मक एवं सुन्दर बंधन से जुड़े हुए हैं , और मुझे इस परिस्थिति में लाने का पूरा श्रेय मैं मेरी माँ  और पापा को देता हू जिन्होंने  स्तनपान के महत्त्व को समझा और मेरी सेहत का पूरा ध्यान रखते हुए समय समय पर मुझे इस जरुरी आहार का सेवन कराया |  

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