पापा की वो कहानी जो मुझे हमेशा याद रहेगी
1050
1
1
|   Jan 05, 2017
पापा की वो कहानी जो मुझे हमेशा याद रहेगी

मुझे कहानिया सुनने का हमेशा से काफी शौख रहा है. उस कहानी के अंत में आने वाली कही-अनकही सीख को मैंने हमेशा समझने की कोशिश की. पर एक कहानी ऐसी है जो मुझे अपने जीवन की सबसे बड़ी समझ दे गयी.

बात तब की है जब मई लखनऊ से एक कंपीटिटिव एग्जाम देकर पापा के साथ बस से वापिस आरही थी. एग्जाम की बातेकरें के बाद हमारा ध्यान एक बड़ी उम्र के दादा जी पर गया जो किसी से फोन पर कह रहे थे की बच्चे सब बहार है घर पे हम दोनों ही बचे है. बात मुझे भी समझ आयी की मेरे बाहर चले जाने के बाद मेरे पापा-माँ भी अकेले रह जायेंगे. इस पर पापा ने एक किसान की कहानी सुनाई.

"एक किसान था उसका एक बेटा हुआ तो उसने खूब मेहनत की और अपने बेटे को पढ़ाया. उसका बेटा पद लिख कर शहर में क्लर्क हो गया. किसान बड़ा खुश हुआ. उसने गांव में बड़ा घर बनवाया खूब खेत खरीद लिए. बेटे की शादी की फिर धीरे धीरे उसने शहर में घर ले लिया वह गृहस्थी बसा ली फिर उसका बेटा हुआ और धीरे धीरे करके उसका गांव आना काम होता गया. किसान अपने बड़े से घर में अकेला रह गया. उसने अपने बेटे को खूब कोसा और श्राप दे दिया की तुम्हरा बेटा विदेश चला जाये पर तुम्हारे साथ नहीं रहेगा. किसान की बेटे ने भी अपने बेटे को खूब पढ़ाया विदेश भेजा और वह भी वही सैटल हो गया. अब उसकी शादी वही गृहस्थी वही तो घर आना न हो पाए. वो गिफ्ट्स भेजे, इ मेल भेजे, पैसा भेजे पर खुद न आये. इस तरह किसान का बेटा भी अपने शहर के बड़े से घर में अकेला रह गया. उसने भी अपने बेटे को खूब कोसा और श्राप दिया की तुम्हरा बेटा भले चाँद पे चला जाये पर तुम्हारे साथ नहीं रहेगा."

ऐसा ही तो होता है न. कभी मेरे पापा अपने पापा से दूर इस शहर में पढ़ने, नौकरी करने आये और यही घर बसा लिया. आज मैं और बड़े शहर पढ़ने जाने वाली हू. कही किसी और शहर में या शायद फॉरेन में जेक सैटल हो जाऊ. फिर कल को मेरे बच्चे भी........ हम खुद ही अपने बच्चो को अपने से ज्यादा बड़ा बनते देखना चाहते है पर तब शायद ये समझ नहीं पाते की उनकी कामयाबी उनको हमसे दूर भी ले जाएगी और इस तरहअपने माँ पापा से आशीर्वाद लेकर हर बच्चा अपनी एक नयी दुनिया बसाता है. जब किसान का बेटा अपने पापा के पास वापिस नहीं गया तब उसे ये महसूस नहीं हुआ पर जब उसका बेटा उससे दूर जाके बस गया तब उसने उसको भी बुरा समझ लिया. ज़रूरत है हम सबको ये समझने की. हमारे बच्चे खूब पढ़े, खूब बढे, खूब तरक्की करे पर हम हमेशा ये ध्यान रखे की ज़रूरी नहीं वो हमारे साथ आके ही रहे. वो जहाँ भी रहे खुश रहे. आखिर यही तो माता पिता का सुख है.

पापा की पूरी बात मुझे समझ आगयी, उम्मीद है आपको भी आगयी होगी.

Read More

This article was posted in the below categories. Follow them to read similar posts.
LEAVE A COMMENT
Enter Your Email Address to Receive our Most Popular Blog of the Day