दाग अच्छे हैं
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|   Jul 24, 2017
दाग अच्छे हैं

मेरा  बेटा लक्ष्य जो कि आठ साल का है बहुत ही शरारती है।खेल खेल में वो रोज ही अपने कपड़े बहुत गन्दे कर लेता है बदले मे उसे मुझसे बहुत डांट पड़ती है फिर भी वह ज्यों का त्यों ही है।

आज सन्डे था तो मैने इनको बोला कि सैलून जा कर अपने और लक्ष्य के बाल कटवा आइए।।।।सो ये लक्ष्य को लेकर चले गए फिर मैं अपने काम में व्यस्त हो गई।।।।

तीन घन्टे हो गए ये लोग अभी तक घर नहीं आए तो मुझे चिन्ता होने लगी कि कही लक्ष्य ने कोई शरारत न कर दी हो।मैने इन्हे फोन किया तो इन्होने रूको अभी बात करता हूँ कहकर फोन काट दिया।।।मैं और भी परेशान हो गई।

कुछ देर बाद डोर बेल बजी दरवाजा खोला तो ये दोनो सामने थे।।मैं कुछ पूछ पाती कि इससे पहले मेरी नजर लक्ष्य के कपड़ो पर अचानक पड़ी उन पर खून के दाग धब्बे थे  मैं डर गई और सवालो की झड़ी लगा दी तो इन्होने कहा अन्दर तो आने दो।।फिर वो अन्दर आए और बताने लगे कि सैलून से वापस आते समय सड़क पर कुछ शरारती बच्चे कुत्ते के बच्चे को पत्थर मारकर परेशान कर रहे थे एक बच्चे ने जोर से पत्थर मारा और पपी के ऑख में जा लगा और लक्ष्य ने पपी को उठा लिया और मुझसे डाक्टर के पास चलने की जिद करने लगा फिर हम डाक्टर के पास गए।।पपी को गोद मे उठाने की वजह से उसके कपड़ो पर खून के दाग लग गए हैं।सारी बात सुनकर मेरी जान मे जान आई ।मैने लक्ष्य को गले लगा लिया आज पहली बार मुझे इन दाग धब्बो को देखकर कर गुस्सा नही बल्कि खुशी हो रही थी और अपने बेटे पर गर्व और लग रहा था दाग अच्छे हैं।।

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