जान जाए पर सेल्फ़ी न जाए 
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|   Aug 12, 2017
जान जाए पर सेल्फ़ी न जाए 

सेलफी सेलफी सेलफी।।।।हमारे समाज में इस नाम की नई बीमारी ने जनम ले लिया।।ये हर उम्र के लोगों को अपना शिकार बना रही है।।सेलफी का भूत इस कदर सवार है कि जान जाए तो जाए पर सेलफी छूट न जाए चाहे खुद की जिंदगी खतरे में पड़ जाए या किसी और की।अभी हाल ही में देख लीजिए मसूरी जा रही पर्यटकों की कार कोल्हू खेत के पास बरसाती नाले में जा गिरी जिसमे सवार 2 लोग घायल हो गए। गनीमत रही कि कार ने एक ही पलटा खाया और पत्थर से नहीं टकराया।फिर क्या उसी हालत में लगे सेल्फ़ी लेने जो लोग उन्हें बचाने दौड़े वो भी ये देख कर भौचक्के रह गए।लगभग रोज सेलफी के चक्कर में हादसे हो रहे हैं।सेलफी जान से ज्यादा कीमती हो गई है।सोशल मीडिया पर कमेंट लाइक पाने के चक्कर में लोग जान तक जोखिम में डाल रहे हैं।कोई सेलफी के चक्कर में पानी में बह जा रहा है तो कोई खाई में गिर जाए रहा है फिर भी हालात ज्यो  के त्यो हैं।अभी कुछ दिन पहले खबर आई कि एक गर्भवती महिला सेलफी लेते समय खाई में गिर गई।।अभी हाल ही कि खबर देखो कि एक अभिनेत्री का एक्सीडेंट हो गया और लोग इकट्ठा तो हुए पर बचाने की जगह लगे सेलफी लेने कि इनकी जान जाए तो जाए  पर इनके साथ हमारी सेलफी न छूट जाए ।।।हम ऐसी बीमारी की गिरफ्त में है जिसका कोई इलाज नहीं है सेलफी महामारी बनता जा रहा है जो लाइलाज है।अब तो सेलफी के पागलपन को बढ़ाने के लिए कम्पनियां भी सेलफी एक्सपर्ट फोन भी लांच कर रही हैं।।कोई टावर पर चढ़कर फोटो ले रहा है तो कोई बिल्डिंग की सबसे ऊंचाई पर ,हद है पागलपन की। हर चीज की एक सीमा होती है और  कोई काम एक हद तक  हो तभी बेहतर होता है।

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