लड़के से पिता बनने का सफर...#Father'sday
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|   Jun 16, 2017
लड़के से पिता बनने का सफर...#Father'sday

 माँ शब्द ही इस जगत का सबसे सुंदर शब्द है। इसमें क्या नहीं है? वात्सल्य, माया, अपनापन, स्नेह, आकाश के समान विशाल मन, सागर समान अंतःकरण, इन सबका संगम ही है माँ। माँ के मन की विशालता, अंतःकरण की करुणा मापना आसान नहीं है। इसी प्रकार पिता सही अर्थों में भाग्य-विधाता रहता है। जीवन को योग्य दिशा दिखलाने वाला महत्वपूर्ण कार्य एक पिता करता है। कभी गंभीर, कभी हँसमुख, मन ही मन स्थिति को समझकर पारिवारिक संकटों से जूझने वाले पिता क्या और कितना सहन करते होंगे, इसकी कल्पना करना आसान नहीं है।      

आज Father day मै एक ऐसे  पति जो अब एक अच्छे पिता है उस पर प्रकाश डाल रही हूँ। मैंने उनमे अचानक से बहुत परिवर्तन देखा जब वो पिता बने। वैसे ये सिर्फ मेरे पति की ही नही बल्कि हर एक लड़के की कहानी है जिसकी शादी होने के बाद और फिर पिता बनने पर उसका जीवन परिवर्त हो जाता है ठीक उसी प्रकार से जैसे एक लड़की माँ बन जाती है।मेरा ये मानना है जिस प्रकार से कहा जाता है "एक औरत का अस्तित्व तब तक अधूरा होता है जब तक वो माँ नही बन जाती,वैसे ही एक पुरुष भी बिना पिता बने पूण नही होता"।

      मै जब शादी कर के आयी तो मुझे पता चला मेरे पति ने 2, 3 साल नौकरी करके जो भी कमाया वो सब अपने घूमने, खाने-पीने, ब्रांडेड कपड़े पहनने और मॉज-मस्ती में खर्च कर दिये है, बचा है जो वो बहुत थोड़ा है। जैसा की हर लड़के करते है वैसे ही पतिदेव की जिंदगी थी, क्योंकि तब उनके ऊपर कोई जिम्मेदारी नही थी। पर मेरे आने के बाद उनकी जिम्मेदारी बढ़ी। हमारी शादीशुदा जिंदगी हस्ते-मुस्कुराते, एक दूसरे का साथ देते हुए चलना शुरू हो गयी। शादी के ढाई साल बीते और हमारी जिंदगी में एक और प्यारा सा सदस्य जुड़ने जा रहा था। ये हमारी जिंदगी की सबसे अनमोल दौलत है"हमारा बेटा(वर्चस्व)"। जब मैंने उन्हें बताया कि आप "पापा" बनने वाले हो तो उनकी खुशी का ठिकाना नही था। पर इस खुशी के साथ ही मैंने उनमे एक परिवर्तन देखा अब वो पहले से बहुत जिम्मेदार हो गए थे, मेरे स्वास्थ, घर की जिम्मेदारी और आने वाले नये सदस्य के लिये। पहले की उनकी बेफिक्री अब फिक्र के बदल गयी थी। जैसे 9 महीने माँ अपने गर्भ में बच्चे को रखती है और हर एक एक चेज़ का ध्यान रखती है कि मेरे बच्चे को कोई नुकसान न पहुँचे, वो स्वस्थ हो, और बच्चे के इस दुनियां में आने के बाद उसका पालन पोषण का ध्यान जैसे माँ करती है ठीक उसी प्रकार से एक पिता की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। अब पिता के कंधे जिम्मेदारी से लदे होते है। माँ गर्भ में बच्चे को रखती है और पिता अपने मस्तिष्क में कि मुझे अपना पिता होने का कर्तव्य पुरे जीवन कैसे निभाना है। पिता की ऊँगली पकड़ बच्चा चलना सीखता है, बच्चे की पढ़ाई, उसके व्यक्तित्व का निर्माण, अच्छे संस्कार और उसका भविष्य बनाने में माँ बाप अपना पूरा जीवन न्येवछावर कर देते है। एक पिता ही ऐसा व्यक्ति होता है जो सोचता है मेरा बच्चा मुझसे कही ज्यादा तरक्की करे और दुनिया का सबसे नामी और कामियाब इंसान बने।

     ये सब चीजें मैंने अपने पति के अन्दर मेहसूस की, लगने लगा की वो पति के साथ-साथ अब पिता भी है। मेरी डिलीवरी के समय नौकरी के सिलसिले में उन्हें US जाना था, पर उनका मन नही था कि वो मुझे अकेले छोर कर जाये, वो चाहते थे कि जब हमारा बच्चा इस दुनियां में आये तो हम दोनों साथ हो, बिना अपने बच्चे को देखे कैसे मै चला जाऊँ। फिर कुछ ऐसा ही हुआ उनका US जाना कुछ दिन के लिए टल गया। जब वर्वस्व इस दुनिया में आया तो उसने सबसे पहले अपने पापा की गोद चुनी और झट अपने पापा की उँगली पकड ली मानो बोल रहा हो " चलो पापा मुझे दुनियां की सैर करावो"☺। जो कभी अपना सामान सही से रखता न हो और गंदगी से ज्यादा लगाव रखे☺ आज उसी पापा ने अपने बच्चे की पहली पॉटी साफ की😊। जब बच्चे को कोई परेशानी होती है तो माँ का दिल परेशान हो जाता है, वैसे ही जब हमारे बेटे को कोई परेशानी होती है तो मुझसे ज्यादा मेरे पति परेशान हो जाते है। हमारा बेटा रात में ठीक से सोता नही न जाने क्यूँ? रात में मेरे साथ-साथ उनके पापा भी जागते है। वर्वस्व को गोद में लेकर सुलाना, उसे बोतल से दूध पिलाना, रोने पर चुप कराना, उसे अपने हाथ से खाना खिलाना, उसके सुसु पॉटी साफ करना, उसे घुमाना, ये सारे काम वो बहुत अच्छे से करते है। उन्हें देख मुझे थोड़ी हैरानी होती है जो खुद आलसियों की तरह अपने सारे काम छोड़ देते है वो इंसान अपने बच्चे के प्रति कितना जिम्मेदार है। आज जब भी हम मार्केट जाते है तो वो आने लिए नही बस बेटे के लिए खरीददारी करते है। जब सेलरी आती है तो उसमें से बेटे के भविष्य के लिये पैसे निकाल कर रखते है। जरा सी तकलीफ़ हुई नही तुरंत डॉक्टर के पास भागते है, वो एक पल की भी तकलीफ अपने बेटे के लिये नही देख सकते, बेटे के लिए वो किसी भी चेज़ से समझौता नही कर सकते।

      आज इन्हे देख लगता है ये वो ही इंसान है जो कल तक बेफिक्र हो कर रहते थे आज बच्चे की परवरिस की कितनी फ़िक्र हो गयी है। जिसे नींद के इतना प्यार था कि मुंह पर पानी डालने पर नही उठते थे आज पूरी रात जागने को तैयार रहते है, यहाँ तक सपने में भी बच्चे के लिये दूध की बोतल बनाते है☺। आज इस fatherday पर एक पिता के लिये लिखने का अवसर मिला तो मुझे लगा मेरे पति भी एक अच्छे और जिम्मेदार पिता है। आज उनका दिन है अपना कर्तव्य और जिम्मेदारी निभाने का जिसे वो बखूबी निभा रहे है और आगे इससे भी अच्छी तरह से निभायेगे।

                      पापा की दिल से...

 "तू मेरा दिल, तू मेरी जान, तू मासूम ,तू नादान........"

आगे की लाइन का इंतजार है तुम्हारे मुँह से सुनने का मेरे बेटे

     Thank u & love u lots मेरे प्यारे पापा 

                                                   from वर्चस्व☺।

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