आखिर क्यों होते हैं पति पत्नि के झगङे!!!!
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|   Aug 09, 2017
आखिर क्यों होते हैं पति पत्नि के झगङे!!!!

पति पत्नी का रिश्ता जन्म जन्मांतर का कहा जाता है  लेकिन कितने ही शादीशुदा जोङे इस जन्म में ही अलगाव की राह पर चल देते हैं।फिर  यह बिल्कुल भी मायने नहीं रखता कि उनका प्रेम विवाह था या उनका विवाह उनके माता पिता ने तय किया था। 

छोटे छोटे झगङे तो हर घर में होते हैं ...पर जब झगङे ज्यादा ही होने लगें तो समझ लीजिये आपको अपने रिश्ते पर चिंतन की आवश्यकता है।आप सोच रहे होंगे बङा भाषण दे रही है ,क्या इनका झगङा नहीं होता ...होता है जरूर होता है ...किंतु कुछ बातें मैंने और मेरे पति ने तय कर ली हैं।जिनमें से कुछ हैं:

  1. छोटी छोटी बातों को महत्व न देना- जैसे कोई सामान यहाँ क्यों रखा है,वहाँ है उसकी जगह...जिसको समय मिले वो ठीक से रख दे...एक दूसरे पर भरोसा करें और एक दूसरे की कुछ आदतें जो आपको नागवार लगती हों, उन्हें नजरंदाज करें । टेन्शन कम होगी।
  2. रिश्तेदारों के व्यवहार के कारण होने वाले झगङे- पहली बात तो यह ध्यान में रखें कि पति या पत्नी अपने रिश्तेदारों से आपको चुभने वाला व्यवहार करने के लिये नहीं बोलते हैं और न ही उसके लिये जिम्मेदार हैं। और यदि पति या पत्नी अपने साथ हुये किसी गलत बर्ताव की बात एक दूसरे से शेयर करें तो आराम से सुनें और उसी बात पर एक दूसरे के घर वालों पर दोषारोपण कर बात न बढायें।मुझे तो लगता है कि सभी कपल्स के 70 प्रतिशत झगङों की जङ रिश्तेदार होते हैं।
  3. अच्छे श्रोता बनें- कितनी ही बार ध्यान से बात न सुनने पर लङाई होती है। इससे सामने वाले को लगता है कि उसे तवज्जो नहीं दी जा रही। मेरी माँ तो कहतीं हैं " बेटा, दुनिया बस तवज्जो का खेल है, जिसे नहीं मिली वहीं खेल बिगङ जाता है।" सच ही है...
  4. एक दूसरे को सम्मान दें-बहुत से लोग जब किसी गैदरिंग में होते हैं तो उन्हें होश ही नहीं रहता कि वो अपने पति या पत्नी का कितना मजाक बना गये... अगर मजाक का पात्र बने पति या पत्नी ने यह बात सीधे- सीधे बता दी तो ठीक नहीं तो यह बातें आगे चलकर एक बङे युद्ध का रूप ले लेती हैं।
  5. बच्चे आने के बाद धैर्य रखें- बच्चे के बाद सब पहले जैसा नहीं रहने वाला ...यह समझ लें और अब धैर्य से काम लें ।जिम्मेदारियाँ बढ़ गयीं है तो उन्हें मिल जुल कर निभायें ।सिर्फ पत्नी का काम नहीं है बच्चे पालना और घर संभालना... पति को भी सहयोग देना होगा।
  6. सोशल मीडिया के झगङे-आजकल यह भी मुद्दा बन जाता है कि मेरा प्रोफाइल पिक सबने लाइक की आपने क्यों नहीं की ,या मुझे फेसबुक पर बर्थडे विश क्यों नहीं किया एक रोमांटिक मैसेज के साथ...सब एक जैसे नहीं होते... यदि आपके पति या पत्नी असल जिंदगी में एक दूसरे की केयर करते हैं तो सोशल मीडिया को मुद्दा क्यों बनाना।एक बात और बता दूँ अगर आपको किसी दंपति के खुश और खिलखिलाते सेल्फी या फोटो, फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया साइट्स पर देखकर लगता है कि उनका झगङा नहीं होता तो अपनी सोच बदल दीजिये...ये फोटो कुछ ऐसे हैं कि" हाथी के दाँत खाने के और दिखाने के और", माफ कीजिये अगर यह मुहावरा यहाँ  आपको अटपटा लगे। मैंने सच में ऐसे बहुत से जोङों को देखा है जिनके फेसबुक पर फोटो देखकर लगता था कि इनकी लाइफ बहुत अच्छी है लेकिन उनमें से कुछ अलग हो चुके हैं ,बेहद दुर्भाग्यपूर्ण !!! टूटना हमेशा दुखदायी होता है ,आज के समय में यह बात दकियानूसी लग सकती है।
इन बातों को ध्यान में रखेंगे तो आपकी लङाइयाँ भी कम होंगी ऐसी उम्मीद करती हूँ���यदि इन सब मुद्दों के अलावा आपके गंभीर किस्म के झगङे हैं वो भी बात कर के सुलझाये जा सकते हैं यदि दोनों पक्षों में ऐसी भावना है ...यदि फिर भी ठीक न हों तो किसी तीसरे या मैरिज काउंसलर की मदद् लें ।Happy & Peaceful Married Life...

P.S. इस पोस्ट का मकसद किसी का दिल दुखाना नहीं है , बहुत बार लाइफ में कुछ ऐसा हो जाता है जिसकी कल्पना भी नहीं की होती है।

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