नमामि मातृ शक्ति ..🙏
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|   Aug 01, 2017
नमामि मातृ शक्ति ..🙏

माँ एक ऐसा शब्द जिसमे पूरी दुनिया समा सकती है ...एक ऐसा अहसास जिसके सामने बाकी सारे अहसास झूठे नज़र आते हैं ....

माँ क्या सिर्फ वो होती है जिसने बच्चे को जन्म दिया और उसका पालन पोषण किया ...नही माँ सिर्फ अपने बच्चे की मां नही होती बल्कि पूरे परिवार की माँ होती है ....जो पूरे परिवार का ध्यान अपने बच्चों की तरह ही रखती है ...

इस बार दशहरे पर मैं अपने घर गयी थी .... दोपहर के खाने का समय था ...घर का नियम है कि सबसे पहले खाना मेरे दादा जी को खिलाने के बाद ही बाकी सब को खाना मिलता था ....मैं थाली लगा कर अपने दादा जी को खाना देने गई ...उन दिनों उनकी तबियत थोड़ी ठीक नही रहती थी और खाना खाने का भी मन नही करता था ....उन्होंने मेरे कई बार कहने पर भी खाना नही खाया ....मैं थाली वापस किचन में ले गयी .....मम्मी ने देखा ...अरे क्या हुआ पिता जी ने खाना क्यों नही खाया ....मैने कहा उनका मन नही है .... मम्मी ने चूल्हा बंद किया और मेरे हाथ से थाली ले कर बोली ऐसे कैसे मन नही है ...खाना नही खाएंगे तो ठीक कैसे होंगे .....वो पिता जी कमरे में गयी ....पहले उनके सिर के नीचे हाथ लगा कर उन्हें बैठाया और कहा पिता जी उठो खाना खाओ फिर दवाई भी तो लेनी है खाली पेट दवाई कैसे लोगे ....और फिर एक एक टुकड़ा अपने हाथों से तोड़ कर उन्हें खाना खिलाया ....और पिता जी ने भी आराम से उनके हाथों से एक रोटी खा ली और फिर दवाई खा कर आराम से सो गए ....मै वही खड़ी सब देख रही थी और सोच रही थी ...शायद ये ही माँ का असली रूप है....वो अब सिर्फ मेरी माँ नही बल्कि पूरे परिवार की माँ है ...जो अपने ससुर जी का भी अपने छोटे से बच्चे की तरह ध्यान रखती है ....मेरा नमन है हर उस माँ को जिसने अपना पूरा घर अपने बच्चे की तरह संभाल कर और सहेज कर रखा है ....

नमामि मातृ शक्ति !! 

✍️ ऋतु वत्स ! 

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