एक ईमानदार कोशिश
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|   Jan 04, 2017
एक ईमानदार कोशिश

मुझे हिन्दी में लिखने का कोई भी अनुभव नहीं हैं, लेकिन अपनी राष्ट्रा भाषा में लिखने का अवसर जब मुझे मिला तो मेने अपने सारे डर भूलकर एक कोशिश करने की ठान ली. मेरी मातृ भाषा भी हिन्दी नहीं हैं, में एक गुजराती हूँ, लेकिन मेरे काफ़ी मित्र हिन्दी भाषी हैं इस लिए मेने सोचा के इतना तो में हिन्दी जानती हूँ की एक प्रयास में कर सकूँ. 

जब मेने यह ब्लॉग पोस्ट लिखना शुरू किया तो मेने सोचा क्या में लिख सकती हूँ. में हिन्दी में सोचती नहीं, तो मेने कैसे कुछ भी लिखूं. पर यही विचार ने मुझे यह भी सोचने पे मजबूर किया के हमने इतना म्हत्व अँग्रेज़ी भाषा को दिया हैं के ह्म अपनी मातृ भाषा में सोचते भी नहीं हैं. यह सही नहीं हैं. में मनती हूँ की अँग्रेज़ी भाषा एक यूनिवर्सल भाषा हैं, इसे सीखना ज़रूरी हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं हैं के हम अपनी भाषा को भूल जाए.

जब में मेरी बेटी को हिन्दी पढ़ ने लिए बोलती हूँ तो वो भी कोशिश करने से डरती हैं. में उसके साथ हिन्दी की पढ़ाई करवाती हूँ, तो मुझे भी काफ़ी तकलीफ़ होती हैं. में सोचती हूँ, यह सही नहीं हैं. में अपनी बेटी को क्या सिख दे रही हूँ. अपनी राष्ट्रभाषा तो पढ़ना और लिखना आना ही चाहिए.

हम अपने बच्चो को विदेशी भाषा सीखा रहे हैं. आज कल स्कूल में भी मंदरिन ,फ्रेंच , स्पॅनिश भाषा सिखाई जा रही हैं. हम चहेते हैं की हमरे बच्चे यह भाषा सीखे और हम उन्हे हिन्दी नहीं सीखते हैं. हम हमारी राष्ट्र भाषा को इतना कूम महत्व क्यों देते हैं. इंटरनॅशनल स्कूल्स में आज कल हिन्दी भाषा एक विदेशी भाषा हैं. बच्चे चाहे तो हिन्दी के विकल्प में फ्रेंच सिख सकते हैं और वो चाहते हैं की हिन्दी ना सीखें. क्योंकि उनके दोस्त नहीं सिख रहे हैं. विदेशी भाषा सीखना एक 'स्टेटस सिंबल' हो गया हैं. नयी भाषा सीखने का हेतु ही बदल गया हैं. ह्में अपने बच्चो को नया ज़म्माने की ज़रूरतो के लिए नयी तकनीको और भाषा सीखने का प्रोत्साहन देना चाहिए. लेकिन इसका मतलब यह नहीं के हम अपनी पहचान खो दें.

इस नये वर्ष में मेने कुछ नया करने किए एक ईमानदार कोशिश की है. में चाहती हूँ की मेरी इस कोशिश में ज़्यादा से ज़्यादा लोग जुड़े और अपनी मातृ भाषा का उपयोग करे. मयसिटी४किड्स ने ह्मे यह अवसर दिया हैं,में इसमें आपना पूरा सहयोग देने की कोशिश करूँगी.  अपने बच्चो को भी प्रोत्साहन दें के वो भी अपनी राष्ट्रा भाषा का आदर करें.

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