अपने ही देश में  मिलिए अंग्रेजों से
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|   Jan 23, 2017
अपने ही देश में  मिलिए अंग्रेजों से

मॉडर्न जेनरेशन आज अजीब घटना हुई जिसे देख कर बहुत हैरानी भी हुई और मन सोचने पर मजबूर हो गया कि हम किस दिशा में जा रहे हैं हम क्या सीख रहे हैं बाहर खाने का प्रोग्राम बनाया जैसे ही खाना खाकर बाहर निकली रेस्टोरेंट से तो मैं बाहर खड़ी हुई थी तभी मैंने देखा  कॉरीडोर में एक बुजुर्ग सफेद दाढ़ी वाला साठ से ऊपर की उम्र रही होगी चटाई बिछाकर बैठा हुआ था 2,4 भगवान की तस्वीर उसने अपने आसपास लगाई हुई थी और एक अपनी पीछे बोर्ड चिपका हुआ था हस्तरेखा तो तभी वहां से एक लड़का और एक लड़की निकले देखने में काफी मॉडर्न लग रहे थे और मुझे लगा कि हंड्रेड परसेंट इंडियन ही थे लड़का उसके पास रखे हुए मूढे पर आ कर बैठता है और इंग्लिश में बोलता है उसे लेकिन  बुड्ढा कुछ जवाब नहीं दे पाता  या फिर उसकी बात को समझ नहीं पाया फिर वह रुका और उसने हिंदी में बोला  आपको इंग्लिश आती है  मैं हैरान हो गई यह पूछने वाली बात थी जो इंसान चटाई लगाकर 2,4 भगवान की फोटो रखें बैठा हुआ है उससे आप उम्मीद कर रहे हैं कि उसे इंग्लिश आती है या नहीं क्योंकि आप सिर्फ इंग्लिश में बोलना चाहते हैं जब कि आपके  ये शब्द कि""""""""" आपको  इंग्लिश आती है""""""" आपने एकदम ठीक बोले एकदम स्पष्ट उच्चारण का प्रयोग किया जैसे कि आप हिंदी को परफेक्ट जानते हैं और अच्छे से बोल भी सकते हैं क्या आपके अंदर इतना दिमाग नहीं है जो इंसान सड़क पर बैठा हुआ है सौ रूपए रोज के मुश्किल से कमाता है आप उसे इतना बेहूदा सवाल पूछ रहे हैं  मुझे दुख तो बहुत हुआ यह देख कर कि आप इंडिया में रहकर और ऐसे इंसान से इंग्लिश बोलना चाहते हैं जिसको इंग्लिश आती नहीं है उसके बाद भी वह लड़का चुप नहीं हुआ वह हाथ देख रहा था और उसे जो भी बताना था वह इंग्लिश में ही बोल रहा था हालांकि यह उसका रोज का काम होगा ऐसे लोग शायद उसे रोज टकराते हैं जो सिर्फ अंग्रेजी बोलना ही पसंद करते हैं ऐसे लोगों की नजर में जो हिंदी बोलते हैं उन लोगों को शायद वह डाउन मार्केट समझते हो और इंग्लिश बोलने में अपनी शान समझते हैं क्या पता उसे थोड़ी बहुत समझ में आती हो  

 मुझे हैरानी हुई मैंने अक्सर ऐसे अंग्रेजों को देखा है जो किसी रिक्शे वाले यह किसी छोटे मोटे फेरी वाले से बात करते हैं तो टूटी फूटी हिंदी बोलने की कोशिश करते हैं जबकि उनसे अच्छी इंग्लिश कोई नहीं बोल सकता दूसरी तरफ हमारे देश में ऐसे अंग्रेज भी हैं जो यहां रहकर भी हिंदी नहीं बोलना चाहते क्योंकि उन्हें शर्म आती है हिंदी बोलने में

स्वाति गौतम

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