नमक इश्क का 
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|   Feb 02, 2017
नमक इश्क का 

मेरा पिछला ब्लौग "कहाँ है मेरा घर ?" ,बहुत सराहा गया |आपमे से बहुत लोगों ने दिल खोल कर तारीफ की और कुछ ने तो अपनी ज़िन्दगी के किस्से भी बांटे | अचानक ही लगा जैसे की माई सिटी की ये साइत बहुत से दोस्तों का बडा कुनबा हो !हँसी मज़ाक के बीच ज़रा सा दिल ह्ल्का कर लिया और संजीदगी से जीवन की कुछ सच्चाईयों पर गुफतगु भी कर ली !!

खुशी तो बहुत हुई इतने सखियों के पसंद किये जाने पर ...लेकिन दुख भी हुआ की ना जाने कितनी इन दिल को चुभने वाले सवालों को झेल रहीं हैं या झेल चुकी हैं |पर जीवन रुका नहीं ,आगे चला , और हमको भी साथ ले चला |

ये लेख हर सखी के नाम !!

कितना खूबसूरत ल्फज है ...सखी !!

तो आज पिचले लेख मे पुछे सवाल से आगे चलते हैं ! ज़िन्दगी मे कोई कितने भी सवाल पूछे ,हमारे वजूद पर सवाल उठाये , कुछ ऐसा है हमारे भीतर जो हर मुश्किल से लडने की ताकत देता है |

हाँ ...बिलकुल सच !!

आजकल अक्सर सुबह सैर से आते समय लोग पूछ लेते हैं , "चेहरे की चमक का राज क्या है " ? जवाब सुन कर एक चमक उनके चेहरे पर भी आती है .. "इश्क "😍😍 हंसी मजाक मे बात इधर उधर हो जाती है पर ये सच्चाई है |यकिनन इश्क ही है जो जीने की वजह है , हर तकलीफ , हर मुश्किल से लडने की ताकत देता है ,और हाँ चेहरे पर नूर भी रखता है |😍😃

ना ना ये लैला मजनू वाला इश्क नहीं , ये इश्क उस से है जिसके साथ हमारा सबसे पेहला रिश्ता है |

ना जाने क्योँ , हम तमाम रिश्ते नातों के बीच इस एक रिश्ते को अन्देखा करते हैं |भूल जाते है उसको ,और फिर एक समय पर उसी की खोज शुरू करते हैं |

रिश्ता हमारा अपने आप से ,रिश्ता हमारा अपनी ज़िन्दगी से !!

है ना अजीब ,खुद से खुद का रिश्ता भूल जाते हैं ,और हर रिश्ते मे खुद को ढूँढ़ने की कोशिश करते हैं !

कैसे मिलेगी वो खुशी ,वो सुकुन जो भीतर है और हम उसे बाहर ढूँढ़ रहे हैं ?

कैसे निभेंगे रिश्ते पूरे दिल से ,जब दिल का एक हिस्सा तो कुछ ढूँढ़ने मे मसरूफ है ?

नारी को ईश्वर ने हर गुन दिया ,प्यार , समर्पन ,बुद्धी ,सकारात्मकता ,प्रजनन की शक्ती किंतु इन सब के साथ एक अवगुन दिया , अपने आप को भूल जाना !

है ना कमाल की बात ,की जो लड़की स्कूल कोलेज मे नारी हक की बात करती है , समाज मे उसके अस्तित्वा की बाते करती है ,वह विवाह पश्चात अपने आप को भूल कर ,स्वयं ही गुहार लगाती है ! 

क्योँ ??

क्योंकी वो अपने आप को भूल कर कुछ बनने चली है ! विवाहित होने का ये मतलब नहीं की आप , आप नहीं रहीं !

विवाह आपके जीवन मे नये रिश्ते लाता है किंतु आपसे अपने आप को भूलने को नहीं कहता !

ससुराल मे तमाम ज़िम्मेदारीयों के बीच अपने आप से रिश्ता रखने से , या यूँ कहे की अपने आप से इश्क करने से कोई नहीं रोकता ,ना रोक सकता है !

चौबिस घंटे मे से कुछ पल निकाले अपने आप के लिये |जो करने से खुशी मिले वो करें ! 

अपने आप से प्यार करने का पेहला नियम है ,अपने आप को स्वस्थ रखना | पूरे घर की अन्नपूर्णा ,स्वयं के लिये आलसी हो जाती है !! सच है ना ? क्योँ ? कोई कहता हो या ना कहता हो आप ख्याल रखे अपने खान पान का |

अपने शौक भूले नहीं उन्हे जीवित रखे चाहे उसके लिये थोडी मेहनत ज्यादा करनी पडे |

कुछ नया सीखे !सीखने की उम्र नहीं होती ! जीवन मे बहुत कुछ करने का समय नहीं मिलता , किंतु अगर सीखने की ललक हो तो जीवन मौके भी ले आता है |

और सबसे ज़रुरी विवाहित होने का ये मतलब कतई नहीं की आप को हर एक को संतुष्ट करना है |

आप विवाहित हैं , सुपर वूमन नहीं !!

विवाह की रसमे हमे अच्छे बुरे हर समय मे अपना संतुलन बना कर रिश्ते मे सामंजस्या रखना सिखाती है ,और इसके लिये अपने आप को संतुलित रखना सबसे ज़रूरी है |

नज़र अन्दाज करना एक कला जो स्वस्थ जीवन की कुंजी भी है |बहुत सी बातें ज़िनसे आप सहमत ना हो ,किंतु वे आपके जीवन पर प्रभाव ना डालती हो ,उन्हे नज़र अन्दाज कीजिये | 

हर इंसान की जीवन शैली होती है , ना आप उसे बदलने की कोशिश करें और ना स्वयं अनचाहे ब्दलाव करे !

अपने प्रेम और सेवा योंग्य लोगों की सूचि मे सबसे पेहला नाम अपना रखे |

हर उस पल का भरपुर मज़ा ले जो आप अपने लिये निकाले |सुबह की चाए की प्याली हो ,या शाम को थक कर आने के बाद की कॉफी ,हर पल इश्क की गर्माहत और मिठास लिये होना चाहिये और ये ताकत सिर्फ और सिर्फ नारी मे है ,की वो सब कुछ भूल कर समर्पित हो जाये , तो क्योँ ना दिल का एक हिस्सा अपने नाम किया जाये |

उम्र की इस दहलिज़ पर नये इश्क मे डूबा जाये |😍

ना पूछो ये कैसी बला इश्क है 

हर रिश्ते को खुद मे समेटे इश्क है 

इश्क वालों के दम पे चलती है कायनात 

उस खुदा तक पहूँचने की राह इश्क है

एक खुश इंसान ही किसी और को खुशी दें सकता है और आप तो किसी एक नहीं पूरे घर की खुशी और हँसी का कारण है इसलिये अगर आप अपने घरवालों से प्यार करती हैं तो खुद से इश्क करना ना भूलें और अपने जीवन मे ज़रा सा ही सही ...नमक इश्क का ज़रूर डाले  !!

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