द इंक्लुसिव इंडिया इनिशिएटिव-नेशनल ट्रस्ट की शानदार पहल एक समावेशी भारत का निर्माण
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|   Aug 10, 2017
द इंक्लुसिव इंडिया इनिशिएटिव-नेशनल ट्रस्ट की शानदार पहल एक समावेशी भारत का निर्माण

क्या कभी आपको किसी स्कूल में एडमिशन या कंपनी में काम देने से मना किया गया है? जी हां, ऐसा होता है. इस तरह का भेदभाव अक्सर बौद्धिक और शारीरिक रूप से कम विकसित (दिव्यांग) लोगों के साथ होता है. इसमें ऑटिज़म, डाउन सिंड्रोम, सेरेब्रल पाल्सी, बौद्धिक रूप से दिव्यांग या मल्टीपल डिजैबिलिटीज से ग्रसित लोग शामिल है, जिनके साथ अक्सर ये भेदभाव किया जाता है. ऐसे लोगों को उनका सांस्कृतिक, शैक्षिक, राजनीतिक और सामाजिक अधिकार नहीं दिया जाता है. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. द इंक्लुसिव इंडिया इनिशिएटिव-नेशनल ट्रस्ट ने 6 जुलाई 2017 को एक राष्ट्रीय अभियान लांच किया है.

 

6 जुलाई 2017को विज्ञान भवन में इसे एक सम्मेलन में लांच किया गया. अपने लांच के बाद से इस इनिशिएटिव (पहल) ने कई सारे  इवेंट्स आयोजित किए है. इस इनिशिएटिव ने भारतीय लोगों के लिए एक ऐसा मंच प्रदान किया है, जहां से हम सभी भारतीय लोग खडे हो कर इस बात का समर्थन कर सके कि हां, हम सब एक समावेशी भारत चाहते है और उसका समर्थन करते है.

 

इंक्लुसिव कम्युनिटी लाइफ के तहत 16 जुलाई 2017 को गुरुग्राम में इंक्लुसिव रन आयोजित किया गया. ये रन दिव्यांगों के लिए किसी एक एक्टिविटी से कहीं अधिक था, गुरुग्राम की सड़कों पर चलने की जो स्वतंत्रता इन दिव्यांगों को इस रन के जरिए मिली, वो महत्वपूर्ण था. नेशनल ट्रस्ट के ज्वायंट सेक्रेटरी और सीईओ, श्री मुकेश जैन ने कहा कि समावेशी भारत पहल के हिस्से के रूप में बौद्धिक और विकासात्मक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों को इस रन में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करना महत्वपूर्ण है. इस रन के जरिए समुदाय को संवेदनशील बनाने की कोशिश की गई जो हमारे लिए महत्वपूर्ण है. श्री मुकेश जैन और श्री अशोक बख्शी, डीसीपी, साउथ गुरुग्राम ने क्लब फ्लोरेंस से 'डे ब्रेकर हाफ मैराथन' को झंडी दिखाई. इस रन का थीम फिटनेस एंड फन था. इसमें विभिन्न क्षेत्रों से कुल 1100 लोगों ने हिस्सा लिया. साथ ही, बौद्धिक और विकासात्मक रूप से दिव्यांग 120 लोगों ने इस रन में हिस्सा लिया.

 

इसके अलावा, 18 जुलाई 2017 को इंक्लुसिव एम्प्लॉयमेंट मीट का आयोजन किया गया था. इस वर्कशॉप में 35 औद्योगिक घरानों के प्रमुख शामिल हुए. विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से लोगों को आमंत्रित करने का उद्देश्य ये था कि ये लोग उन विचारों और मॉडल पर विचार-विमर्श कर सकें, जो वास्तव में समावेशी रोजगार मॉडल के कार्यान्वयन में सहायता करते है. ज्वायंट सेक्रेटरी और सीईओ, नेशनल ट्रस्ट,श्री मुकेश जैन ने भर्ती नीतियों में दिव्यांग लोगों को शामिल करने और एजेंट ऑफ चेंज के रूप में उनकी पहचान करने के महत्व पर प्रकाश डाला.

 

इस वर्कशॉप में एक सेशन केस स्टडीज के लिए समर्पित था. इस सेशन में विशाल मेगा मार्ट रिटेल चेन और अंबा फॉर लाइफ, बौद्धिक दिव्यांग लोगों के लिए प्रशिक्षण और व्यवसाय केंद्र, की सफलता की कहानियां शेयर की गई.

 

नेशनल ट्रस्ट ने 27 जुलाई 2017 को इंक्लुसिव एडुकेशन वर्कशॉप का आयोजन किया. इस वर्कशॉप में समावेशी शिक्षा की अनिवार्य जरूरत पर बात की गई. इस वर्कशॉप में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के 120सरकारी और निजी स्कूलों ने भाग लिया.

 

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आगामी इवेंट

 

नेशनल ट्रस्ट ने 13 अगस्त 2017 को फ्रीडम फ्रॉम बायसेज नाम से बड़े पैमाने पर एक आउटडोर जागरूकता अभियान की योजना बनाई है. इसमें 2500 लोग शामिल होंगे, जिसमें 500 दिव्यांग भी होंगे. ये इवेंट नेहरू पार्क, चाणक्यपुरी में आयोजित होगी और स्टार्टिंग प्वायंट निति मार्ग है. नुक्कड़ नाटक,इनक्लुकिव वॉक, इंक्लुसिव गेम्स के अलावा, दिव्यांगव्यक्तियों की सहायता के लिए ए डिजैबिलिटी सर्टिफिकेट एंड निरामया (हेल्थ इंश्योरेंस) कैंप भी आयोजित किया जाएगा. केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री, माननीय श्री थावरचंद गहलोत इस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे. 

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