तेरा साथ जैसे बरगद की छांव-बाल शोषण और प्यार की कहानी
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|   Jul 28, 2017
तेरा साथ जैसे बरगद की छांव-बाल शोषण और प्यार की कहानी

कभी कभी ज़िंदगी में कुछ ऐसे हादसे होते है जिसे हम कभी किसी को नहीं बता पाते और सब कुछ अकेले झेलते है कभी मजबूरी तो कभी डर की वजह से ऐसा ही कुछ सोनम के साथ हुआ था तो उसी की ज़ुबानी सुनते है उसके जीवन की सच्ची कहानी ।पूरे घर में हल्ला मच गया था जब मैंने माँ को बताया था के मैं भाई के दोस्त जॉनी से शादी करना चाहती हूँ एक तो उस समय प्रेम विवाह इतनी सामान्य बात नहीं थी ऊपर से अंतरजातीय विवाह । क्या कुछ नहीं झेला था मैंने माँ-पापा की मार , डाँट, भूख और कई दिन तक घर मैं किसी का भी मुझसे बात ना करना लेकिन मैंने तो ठान लिया था के अगर शादी करूँगी तो बस जॉनी से । काफी दिन तक हमारे घर में ख़ूब हंगामा हुआ और आख़िर में मेरी ज़िद के आगे सबने हथियार डाल दिये और मेरी शादी करा दी गई। याद है मुझे जब एक बार जब माँ ने पूछा था "आखिर है क्या ऐसा उस लड़के में जो उस के लिए तू हम सब के ख़िलाफ़ हो गई है " बता नहीं पाई थी मैं वो बात जिसकी वजह से वो बचपन से घुट रही थी मैं अन्दर ही अंदर।

8 साल की थी मैं जब हम लोग दादा दादी के घर से अलग हो के किराये के मकान में गए थे माँ, पापा, मैं और मेरे दोनो बड़े भाई। मकान मालिक के घर बस 3 लोग थे अंकल, आंटी और उनका बेटा जो शायद 16 या 18 साल का रहा होगा।

आज भी वो दिन बिलकुल ताजा है मेरे दिमाग़ में जब मम्मी पहली बार मुझे उनके साथ छोड़ के मंदिर गई थी वो दिन मेरी ज़िंदगी का सब से काला दिन था और उस दिन के बाद ये रोज का सिलसिला हो गया माँ का मंदिर जाना और मेरा शोषण होना। जब भी माँ को बताना चाहा कभी बता ही नहीं पाती कभी उनकी धमकी के किसी को बताया तो सारे घर वालों को मार दूँगा तो कभी माँ का कुछ समझ ना पाना क्यूँकि खुल के जो ना बता पाती थी मैं।

फिर 2 साल बाद पापा ने जब अपना नया घर लिया तब मुझे उस नरक से छुटकारा मिला था। उस हादसे के बाद मेरे मन में आदमीयों को लेके एक डर बैठ गया था और शादी के नाम से ही मेरी रूह काँपती थी।

फिर एक दिन जॉनी ने मुझसे बोला था " सोनम मैं तुमसे प्यार करता हूँ और शादी करना चाहता हूँ। कितनी बार उसे मना किया था मैंने लेकिन हर बार वो मुझसे मेरी ना का कारण पूछता था और एक दिन मैंने उसे रोते हुए अपनी पूरी आपबीती सुनाई थी जिसे सुन के उसने बस इतना बोला था मुझे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता इन सब से जो भी हुआ उसमें तुम्हारी क्या गलती थी ? मैं प्यार करता हूँ और अब मैं शादी करूँगा तो सिर्फ़ तुमसे। बस उसी पल मैंने भी ठान लिया था शादी करूँगी तो सिर्फ़ जॉनी से ।

आज हमारी शादी को 28 साल हो चुके है और हमारे 2 बच्चें हैं, इन्होंने कभी भी उस घटना का ज़िक्र मुझसे दुबारा नहीं किया, ज़िंदगी में बहुत से उतार चढ़ाव आये मगर मुझे अपने फैसले पर कभी भी पछतावा नहीं हुआ क्यूँकि हर मुश्किल समय में मेरे जीवन में तुम्हारे प्यार रूपी बरगद का साया जो है।

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