तराज़ू-अनसुलझी पहेली
7557
4
4
|   Aug 09, 2017
तराज़ू-अनसुलझी पहेली

दुनिया मे बहुत रिश्ते है,प्यार के,ममता के,दोस्ती के, मज़ाक के लेकिन दुनिया में एक बहुत अनोखा रिश्ता है-लड़की वाले औऱ लड़का वाले का।

रिश्ते की तराज़ू में लड़के का पड़ला हमेशा ऊपर होता है और लड़की वाले का नीचे।बिल्कुल सही होता है,क्योंकि खाली पड़ला हमेशा ऊपर होता है,औऱ भारी पड़ला नीचे इसीलिये लड़की वाले का पड़ला भारी होता है,बहुत भारी क्योंकि लड़की वाले के पडले में दहेज़ के पैसे,गाड़ी ,गहने औऱ एक लड़की होती है, उसके अरमान,सपने,खुशी होती है।

कुछ दहेज़ लोभी ये भी कहते है कि दहेज़ तो एक बार लेते है, लड़का तो ज़िन्दगी भर लड़की को खिलाता है, बिल्कुल सही है, लड़का सिर्फ लड़की को ही खिलाता है लेकिन लड़की उसके माँ बाप,भाई-बहन,सभी नाते-रिश्तेदारों का,पूरे घर का खयाल रखती है।चक्कर घिरनी बन जाती फिर उसकी जिंदगी इसी दायरे में घूमती रहती है।

क्या कभी किसी लड़के ने अपने मन से अपने ससुरवाले को एक फ़ोन भी किया है, कभी सोचा है कि जो लड़की उसके माँ-बाप की सेवा कर रही है कभी बिना बोले उसके माँ-बाप को एक बार देख आये।नही कभी नही क्योंकि वो दामाद है,एक सवाभिमानी दामाद बिना बुलाये नही जाएंगे।लेकिन बहु चाहे या न चाहें उसे अपने ससुरवाले की सेवा करनी है।

सास-ससुर के दुनिया से चले जाने के बाद भी एक बहु बाकी सारे रिश्ते निभाती है,लेकिन अगर बहु के माँ-बाप दुनिया से चले जाएं तो उसे ये बोला जाता है मायके क्यों जाओगी अब कौन है वहाँ तुम्हारा।

सदियों से चलता आ रहा है ये एक तरफा रिश्ता है। इस रिश्ते की तराज़ू को बराबर करने के लिये एक तरफ लड़की होनी चाहिए और दूसरी तरफ लड़का और एक वायदा एक दूसरे के साथ एक दूसरे के माँ-बाप और सभी रिश्ते को अपनाने का वायदा।

कोई दहेज नही,कोई अहम नही ,कोई अभिमान नहीं बस एक ही रिश्ता होना चाहिए इंसानियत का।बहु एक बेटी भी है ये नही भूलना चाहिए और बेटा को दामाद का फर्ज भी मालूम होना चाहिए।

धन्यवाद।

Read More

This article was posted in the below categories. Follow them to read similar posts.
LEAVE A COMMENT
Enter Your Email Address to Receive our Most Popular Blog of the Day