गुल्लक लेकर रिश्वत देने पहुंची बच्ची 
5858
2
97
|   Jun 28, 2017
गुल्लक लेकर रिश्वत देने पहुंची बच्ची 

भारत में भ्रष्टाचार से हम सभी अच्छे तरह वाकिफ है और ये हमारे देश में नई बात नहीं है। इसने अपनी जड़ें गहराई से लोगों के दिमाग में बना ली है। ये एक धीमे जहर के रुप में प्राचीन काल से ही समाज में रहा है। समाज में सामान्य होता भ्रष्टाचार एक ऐसा लालच है जो इंसान के दिमाग को भ्रष्ट कर रहा है और लोगों के दिलों से इंसानियत और स्वाभाविकता को खत्म कर रहा है।

एक ऎसा ही मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ में देखने को मिला जहां एक 5 साल की बच्ची अपनी माँ के हत्यारों को सजा दिलवाने के लिए अपनी गुल्लक लेकर आईजी को रिश्वत देने पहुंची। दरअसल बच्ची की मां ने ससुराल वालों से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी। लेकिन काफी समय बाद भी ससुराल वालों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। शायद वह 5 साल की बच्ची भी भारत के भ्रष्ट सिस्टम को समझ गई और ये सोचकर कि उसकी माँ को इंसाफ मिल सके, अपनी गुल्लक लेकर रिश्वत देने पहुंच गई। 

आज भारत मे भ्रष्टाचार से कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं है चाहे वो शिक्षा, खेल, या राजनीति कुछ भी हो। इसकी वजह से लोग अपनी जिम्मेदारियों को नहीं समझ पाते। चोरी, बेईमानी, सार्वजनिक संपत्तियों की बरबादी, शोषण, घोटाला, और अनैतिक आचरण ये सब बातें हम हर रोज सुनते हैं। ये सभी भ्रष्टाचार के ही रूप है। भ्रष्टाचार की जड़े हमारे समाज में इस तरह व्याप्त है कि बिना रिश्वत के कोई भी काम नहीं किया जा सकता । भ्रष्टाचार एक बीमारी की तरह हमारे समाज में फैल चुका है। भारत का भ्रष्टाचार में विश्व मे 84 वां स्थान है। हमे समानता के लिये अपने देश से भ्रष्टाचार को पूरी तरह से मिटाने की जरुरत है। हमें अपनी जिम्मेदारियों के प्रति निष्ठावान होना चाहिये और किसी भी प्रकार के लालच में नहीं पड़ना चाहिये। 

ये शर्म की बात है कि लोगों की लगातार पैसा, ताकत, पद और आलीशान जीवनशैली की भूख की वजह से भ्रष्टाचार बढ़ता ही जा रहा है। पैसों की खातिर हमलोग अपनी वास्तविक जिम्मेदारी को भूल चुके है। हम लोगो को ये समझना होगा कि पैसा ही सबकुछ नहीं होता । हम इसे जीवनभर के लिये साथ नहीं रख सकते, ये केवल हमें लालच और भ्रष्टाचार देगा। हमें अपने जीवन में मूल्यों पर आधारित जीवन को महत्व देना चाहिये ना कि पैसों पर आधारित। ये सही है कि सामान्य जीवन जीने के लिये ढ़ेर सारे पैसों की आवश्कता होती है लेकिन सिर्फ अपने स्वार्थ और लालच के लिये ये सही नहीं है।

Read More

This article was posted in the below categories. Follow them to read similar posts.
LEAVE A COMMENT
Enter Your Email Address to Receive our Most Popular Blog of the Day