मुझे गले लगाया होता ...काश
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|   May 01, 2017
मुझे गले लगाया होता ...काश

मेरी माँ ने हम दोनों भाई -बहनों को हर सुख- दुख के क्षण मे गले से लगाया। माँ के गले लगने से दुख न जाने कहाँ काफूर हो जाता था , औऱ सुख अपार औऱ अथाह हो जाता था। लेकिन माँ के रहते भर मैं इस गले लगने की शक्ति को नहीं पहचान पाई । तब लगता था माँ क्यू बार -बार गले लगाती रहती है।कभी -कभी तो पसीने से तर माँ हम बच्चों को अचानक गले लगा लेती थीं औऱ कभी -२ उनकी आँखों से आँसू निकलने लगते थे।  तब हम भाई -बहन नासमझी मे समझ नहीं पाते थे औऱ माँ को कहते थे छोड़ो । सब पसीना लगा दिया तुमने। हटो जाओ कपडे बदल के आओ तुम्हारे पास से सब खाने की महक आ रही है। तब हम दोनों नहीं समझ पाए कि माँ हम लोगों को अपने गले लगा कर अपना दिल हलका कर रही होतीं थी। जैसे सुख-दुख मे हम माँ के गले लग के खुद को सुरक्षित महसूस करते थे। आज एहसास हुआ जाने -अनजाने माँ मुझे वो शक्ति दे गई हैं। जो मेरी आदत मे शुमार हो गई हैं।तभी अक्सर मेरे मुख से निकलता हैं बच्चों मेरे पैर न छुओ मेरे गले लगो , मेरे दिल को आराम आता है। गले लगाने से सकारात्मक उर्जा दोनों को मिलती है । मेरे जेठ की बेटी मुझसे बोली."चाची आप पैर नहीं छुआती हैं गले लगाती हैं बहुत अच्छा लगता है। मेरे मम्मी -पापा ने कभी गले नहीं लगाया । ये कह कर वो कुछ क्षुब्ध सी हो गई। मैंने मौका देख यह बात अपनी जेठानी को बोली कि आप संजू को गले लगाया कीजिए , तो वो मेरी आदत नहीं हैं क्यों कि मेरे माँ -बाप ने शादी की विदाई के अलावा मुझे कभी गले से नहीं लगाया, और वो भी कुछ सोचने लगीं। कुछ दिन पहले मेरा भाई धर आया तो उसके दिल मे भी यही फाँस है कि मम्मी तो गले लगाती थी पर पापा गले नहीं लगाते । जिससे मैं उनसे नहीं ज्यादा करीबी महसूस कर पाता हूँ ।  भाई के इतना कहते ही मेरा दिल भारी हो गया औऱ मेरे उसको गले लगाते ही हम दोनों भाई बहन की आआँखें भर आईं।मेरी भाभी भी बोली उसके माँ -बाप ने उसे भी गले से कभी नहीं लगाया , तो मैंने उन दोनों से कहा - घर जाके तुम लोग पापा के गले लग जाना । नहीं तो बाद मे जीवन भर अफसोस रहेगा। यही दुख मेरे पति को भी है कि उनके माँ - पिता जी ने उन्हें गले नहीं लगाय।  मैंने तो अपने सास ससुर से कह भी दिया कि "आपके बेटे को यही गम है कि आप लोगों ने उन्हे गले नहीं लगाया। पर उन लोगों न अपने बेटे को फिर भी नहीं समझा। तब मैंने अपने पति को कहा आप जाके उन लोगों के गले लग जाओ तो वे बोले तुम नहीं समझोगी । ये सब इतना. आसान नहीं हैं।  काश ..काश अपनो के गले लगना और अपनो को गले लगाना आसान होता तो जिँदगी बहुत आसान हो जाती...।। तब हर गम काफूर हो जाता हर खुशी दोगुनी हो जाती 

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