#TypeWriter#(Part -1 )रेनू से डॉo रेनू : सपने,स्वाभिमान और बदलते रिश्तों की कहानी (True Story )
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|   Apr 22, 2017
#TypeWriter#(Part -1 )रेनू से डॉo रेनू : सपने,स्वाभिमान और बदलते रिश्तों की कहानी (True Story )

"क्या हुआ अगर MBBS में दाखिला नहीं मिला तो , पागल हो जाओगी क्या ? बेटा, ऐसे रोने से क्या होगा| " फूट फूट कर रोती हुई रेनू  को चुप करवाते हुए उसकी मम्मी ने कहा |

तीन बहनो में सबसे बड़ी थी रेनू  | नाक पर मोटा सा चश्मा , लड़को जैसे छोटे बाल, गोल मटोल | सारा दिन कमरे में बंद होकर पढ़ते रहना ,यही काम था उसका | उस कमरे का नाम भी दीदी वाला रूम पड़ गया था |छोटी बहनों को बिना परमिशन उस कमरे में जाने का आर्डर नहीं था | सबसे छोटी वाली तो दीदी को देखते ही छुप जाती | 

" आँख फुट जाएगी इस मोमबत्ती की रोशनी में पढ़ेगी तो , बंद कर दे किताब थोड़ी देर और सो भी लिया कर कभी " | और माँ बाप से अलग यहाँ रेनू के माँ बाप को उसे पढ़ने से रोकना पड़ता था | और आज उसका एक बचपन का सपना टूट गया था | डॉक्टर बनने का | जिसके लिए उसने दिन रात मेहनत की, वो सपना आज उसे बिखरा हुआ लग रहा था |महंगे कोचिंग के लिए उसके माँ बाप के पास पैसा नहीं है | ये रेनू  को भी पता था |उसे अपने सपने के बिखरे टुकड़े अपने दिल में चुभते हुए साफ महसूस हो रहे थे |

" फार्मेसी के एग्जाम में तो तेरा यूनिवर्सिटी में एडमिशन हो जाएगा बेटा , रोना क्यों है " , पापा ने कहा | " यार दरवाज़ा बंद करो और जाओ यहाँ से ", रेनू चीख कर बोली |

पापा से उसकी लड़ाई बड़ी होती थी | मम्मी कहती थी की बड़ा बच्चा माँ बाप के फ्रेंड जैसा ही हो जाता है | इसलिए बहस हो जाती है |

रो रो कर जब रेनू  को भी कोई किनारा नहीं मिला तो उसने भी सोचा एक साल बर्बाद करने से अच्छा है फार्मेसी में ही एडमिशन ले लिया जाए | उसने काउंसलिंग अटेंड की और टॉप यूनिवर्सिटी में उसे एडमिशन मिला | उसे लगा शायद नियति में यही लिखा हो | जो होता है अच्छे के लिए ही होता है ,वाली बात दिमाग में रख कर उसने एडमिशन ले लिया |.

हाथ हिला कर और नम आँखों से हॉस्टल गेट पर उसने मम्मी पापा को बाय बोला | हर छोटी से छोटी चीज के लिए मम्मी पर निर्भर रहने वाली रेनू  को अब अकेले सब संभालना था | अचानक से बड़े होने का आभास होने लगा था उसे |

अगले दिन यूनिवर्सिटी में घुसते ही गेट पर ही रेनू  ने मन ही मन कसम खाई रेनू  से डॉक्टर रेनू  तो बन कर रहूँगी| मेरे नाम के आगे डॉक्टर लगेगा | और आँखों में एक नया सपना लेकर रेनू  कॉलेज में गयी ....

पर उसके इस सपने के बीच की मुश्किल अभी उसका कोमल मन नहीं जानता था | अभी कई सपने और टूटेंगे और जुड़ेंगे ,वो ये नहीं जानती थी | जिंदगी कैसे कैसे उतार चढ़ाव दिखाती है वो अभी उनसे अनजान थी | 

#To Be Continued ....( जारी है ..)

#part 1 

आगे की कहानी जल्दी ही आप लोगो के सामने मैं लेकर आउंगी, तब तक कृपया कमेंट करके रिस्पांस जरूर दे |

For Part-2 click Here  (https://www.mycity4kids.com/parenting/skds/article/part)

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