नैंसी कहती थी- डीएम बनूंगी
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|   May 31, 2017
नैंसी कहती थी- डीएम बनूंगी

आप कभी जाने-अनजाने जले तो होंगे न ? सिगरेट , लाइटर , गैस , गर्म बर्तन , मोमबत्ती या किसी भी चीज़ से ? और जब जले होंगे तो अपने आप ही हलक से एक चीख भी निकली होगी न ..?

पर सोचिये आप नंगे बदन तेजाब से नहला दिए गये हो , लेकिन आपके हलक से चीख न निकल सके , क्युकी आपके मुंह में हलक तक कपड़ा भरा हैं . आप अपने पल भर की जलन को कई लाख गुना बढ़ा देने के बाद भी उस तपिस का शायद एक अंश भी महसूस नही कर सकते हैं जो 12 साल की नैंसी ने सहा .

उस मासूम को तेजाब से नहलाने के पहले उसका गला रेता गया, कलाइयों की नस काटी गई, और शायद रेप भी हुआ . उस के दर्द की कल्पना कर पाने कई हिम्मत नही हैं मुझ में . न मैं उस माँ बाप के दर्द का अंदाजा लगा सकती हूँ जिसका कलेजा बच्ची के शरीर पर एक खरोंच लगने भर से मुंह को आ जाता था. उस बच्ची के अधकुतरे जिस्म को देख कर खुद उन्होंने खुद को क्या समझाया होगा.

मधुबनी बिहार ,नैंसी का अपहरण 25 मई की शाम पड़ोस के ही रहने वाले पवन कुमार झा और उसके साथी लल्लू झा ने किया था. 26 को नैंसी की बुआ की शादी थी और पवन कुमार झा उसमें बाधा डालना चाहता था .

नैंसी के पिता ने FIR दर्ज करवाई मगर पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया. शायद वो किसी नेता या स्टार की बेटी नहीं थी, उसके पिता के पास किसी अधिकारी या नेता का नंबर नहीं था, इसलिए उसकी जान की कीमत कम थी. बच्चियों का अपहरण होना, उनके साथ अखबारी भाषा में ‘दुष्कर्म’ होना इतना आम है, कि अखबारों में 29 तारीख के पहले खबर नहीं दिखी. कम से कम देश के बड़े हिंदी अखबारों में तो नहीं दिखी. कुल चार दिन बाद एक छोटे से कॉलम में नैंसी को जगह मिली, जिसमें बताया गया था कि बच्ची की मौत से घर में मातम छाया हुआ है.

6 साल पहले परिवार की एक लड़की के साथ पवन ने छेड़खानी की थी. इसके बाद उसे पीटा गया था.इसका बदला लेने के लिए ही उसने नैंसी का अपहरण कर लिया. साथ ही परिवार वालों का ये कहना है कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो बच्ची बच जाती.

पवन नशे में धुत था. बिहार में शराबबंदी है लेकिन पुलिस ने उसे आधे घंटे के अंदर छोड़ दिया. अगर पुलिस उसे नहीं छोड़ती तो शायद नैंसी ज़िंदा होती .

घर में इतनी नन्ही सी लड़की की इतनी वीभत्स मौत हुई है. जैसा पवन झा और लालू झा नाम के आरोपी चाहते थे, नैंसी की बुआ की शादी रुक गई है. लेकिन नैंसी जिन हाथों में मेहंदी लगवाने घर की ओर उत्सुकता से जा रही थी, उन्हें रेत दिया गया है. क्या महज बच्ची को मृत देखना ही मां-बाप के लिए काफी न होता, कि उसका शरीर जला भी डाला है?और हाँ एक बात नैंसी बड़ी हो कर DM बनना चाहती थी , पर अफ़सोस हम तब तक उसे ज़िंदा न रख सकें . नैंसी का तेजाब से जला हुआ बदन सवाल जिंदा सवाल हैं : शासन , कानून , पछ ,विपछ समाज , आप और मुझ से पर जानती हूँ हम उसके किसी सवाल जवाब नही दे पाएंगे .

#नैंसी

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