नशा और बच्चे
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|   May 15, 2017
नशा और बच्चे

किसी भी बडे शहर के किसी भी posh area मे गुजर जाइऐ, specially किसी institute या IT park के पास....पान ठेले पर सिगरेट फूकती हुई लडकियों के दर्शन हो जायेंगे। देखने से तो collage going या फिर कम उम्र कि employee लगती है।

 ऐसा बिल्कुल न समझे कि मै केवल लडकियों के सिगरेट फूकने के खिलाफ हूँ।मै लडको के सिगरेट फूकने का भी पुरजोर विरोध करती हूँ। सिर्फ सिगरेट ही नहीं हर वो नशा जो इंसान को खोखला करता है ,जो इंसान को जानवर मे तब्दील कर देता है उसके खिलाफ हूँ। 

मै एक ऐसे परिवेश मे पली हूँ जहाँ लडके और लडकियों में कोई भेद नही किया गया ।जिस काम को करने की इजाजत मेरे भाइयों को थी,वो मै भी कर सकती थी। ओर जिन बातो का बंधन मेरे ऊपर था उस से मेरे भाई भी बंधे हुए थे। आज प्रगति की तेज रफ्तार मे हम अपनी संस्कृति के मूलभूत सिध्दांतो की बलि चढाते जा रहे है।काफी लोग जो इन चीजों का support करते है उनके पास इस बात के समर्थन में झण्डा लेकर खडा होने के लिए बहुत सारे र्तक हो सकते है,पर मेरी सोच का दायारा थोडा छोटा है।

आज के परिवेश में जब हम बात करते है कि युवा ही देश की भावी पीढ़ी है,देश का भविष्य है,देश की जरूरत के साथ देश निर्माण में सबसे अग्रणी है तो सवाल ये पैदा होता है ......,कि देश का निर्माण करने वाले खुद को किस ओर ले जा रहे है और भटकाव की स्थिति में क्यो हैं....

ऐसा नही है कि युवा पीढ़ी अभी भटकी हैं या मार्ग भूल गयी है वल्कि सदियों से ये रोग,ये बीमारी एक आम और खास बीमारी के रूप में युवाओ की पहली पसंद बनकर उभरी हैं.....जी हाँ ...मैं बात कर रही हूं नशा की.....नशा जो आज सबसे ताकतवर समाज के हिस्से को कमजोर बना देता है और नशे से एक अछे परिवार का ही नही समाज का भी नाश होता हैं.........भांग,चरस,गांजा, मादक पदार्थ एवं अन्य धूम्रपान आपको किसी लायक नही रहने देता अपनी आगोश में ले जाता है.

दो बच्चों की माँ होने के बाद बहुत चिंता होती है कैसे हम बच्चों को इन बुराईयों से कैसे बचा पायेंगे।सही ओर गलत के चयन का आत्मविश्वास बच्चों मे जाग्रत करना अत्यंत आवश्यक है।समाज में हर दिन बच्चों से संबधित अपराध बढते ही जा रहे है।अपहरण से लेकर जघन्य अपराध करने वाले न तो बच्चों कि ममता जानते है और न अपराध के दुष्परिणाम।और हम प्रत्येक क्षण अपने बच्चे की परछाई बन कर नही रह सकते इसलिए स्वयं बच्चों को अपनी बुद्धि ओर विवेक का प्रयोग करना सिखाना आवश्यक है।बच्चों को बाताए की try करने के लिए भी कभी भी किसी भी प्रकार का नशा न करे।कोई कितना भी करीबी क्यों न हो उसकी किसी बात का अनुसरण करने से पहले अपने विवेक का  प्रयोग करें।सावधान India और crime petrol के बच्चों से सबधित अपराध के episodes दिखाए जो उनकी उम्र के हिसाब के हो ताकि उन्हें किसी भी गलती या अपराध के दुष्परिणाम पता हो।

नशा आज सबसे बड़ी समस्या है युवाओ के लिए इसलिए सबसे जरूरी है इसकी रोकथाम.... युवाओ को समझाइश की जरूरत है....उनको शिक्षा दे,संस्कार दे और उनके चरित्र का निर्माण कराए

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