पल
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|   May 04, 2017
पल

कभी-कभी जिंदगी में ऐसे भी कुछ लम्हे आते हैं जो ओस की बूंदों की तरह मन को भिगो देते हैं। अजीब शीतलता होती है इनमें। जो मन को तो सुकून देते हैं पर दिल पर जमे हिमखंडो को पिघलाते हुए आँखों से भी बह निकलते हैं। दिमाग अपने स्वभावानुसार सवाल करता है-"हुआ क्या ?”"तुम रो क्यों रहे हो?”लेकिन जवाब किसी को नहीं सूझता। बस आँखें झरती रहती हैं, दिल पिघलता रहता है और मन अजीब सी अनुभूतियों में भीगा रहता है। दुनियादारी निभाते निभातें हमारे कई रिश्ते व्यवसायिक होते है , कुछ रिश्तें ऊपर वाला बना के भेजता है , चंद ताल्लुकात रोजाना के औपचारिक सम्पर्कों की सामाजिकता से पनप जाते है । ये सारे रिश्ते हमे बहुत सारी यादें देते है।

कुछ 24 कैरेट के पल जब आपका बच्चा पहली बार माँ बोलता है।जब पहली बार चलना सीखता  है। बच्चे के school का पहला दिन ।आपके लिए पहली बार जब कुछ लिखता है। जब पहली बार उसे चोट लगती है।

 जब आपके पतिदेव जो बिना उठाये बिना bed tea के सोकर नही उठते वो आप से पहले उठ कर आपको bed tea दे। जब बगैर किसी occassion के gift मिले। 

जब आपको आपके पुराने कपडे फिट होने लगे।

जब आचानक आपको office से छुट्टी मिल जाये।

जब बिना किसी सूचना के आचानक आपका भाई घर आ जाऐ।

जब आपकी दोनो माताए कहे कि मेरी बेटी सबसे अच्छी है। 

जब कोई बचपन का दोस्त facebook पे मिल जाऐ।

 जब आपका मन कहे बस यही चाहिए था।

कुछ wow वाले पल,कुछ उत्साह कम करने वाले पल ,कुछ आसमान की ऊचाई पे पहुचने वाले पल तो कुछ मन को मायूस करने वाले पल। सभी के जीवन मे होते है आइए हमारे साथ share कीजिए क्योंकि सुख बाँटने से बढता है ओर दुख साझा करने से कम होता है।

पापा बूढ़े हैं, माँ बूढ़ी हैं,

आज बेटा घर आ गया है,तीनों अब जवान लग रहे हैं!

जब घर में पोता आ जायेगा, तो चारो बच्चे बन जायेंगे।

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