ऐसे बचाये बच्चो को मोबाइल एडिक्शन से
10170
2
|   Jul 14, 2017
ऐसे बचाये बच्चो को मोबाइल एडिक्शन से

अभी कुछ दिन पहले अखबार में एक news आयी थी किअहमदाबाद के एक व्यापारी ने अपनी बेटी को 10th में 93% अंक लाने पर एक android मोबाइल गिफ्ट में दिया।अब उस लड़की को उस मोबाइल से इतना एडिक्शन हो गया कि वह चार दिन से नहाई तक नही ।वह दिन भर मोबाइल में game खेला करती है, जिससे उसके पेरेंट्स बहुत परेशान हो गए।और उसे मनोविशेषज्ञ के पास ले गए।जहाँ उसकी कॉउंसलिंग भी की गई अब सोचने वाली बात ये है कि बच्चे मोबाइल से एडिक्ट कैसे हुये। जब वह बच्चे अधिक से अधिक वक़्त मोबाइलपर game खेल रहे होते है,तब इनके पेरेंट्स क्यों इन पर ध्यान नही देते।बच्चे नासमझ है,उन्हें समझ नही होती कि क्या उनके लिए अच्छा है और क्या उनके लिए बुरा है... बच्चे तो वही काम करना पसंद करते है जिनसे उन्हें तत्काल खुशी मिले,उनको उस काम को करने में मज़ा आये। तो वे वही सब काम बार बार करते है और एक स्टेज पर जाकर वे उन सब चीजों के एडिक्ट हो जाते है।पेरेंट्स लोग तब ध्यान देते है,जब बच्चा अनजाने में ही सही....उन चीज के  आदी जाते है,बच्चे और पेरेंट्स दोनों नही समझ पाते है...ओर बच्चा उन चीजों को अपनी आदत का हिस्सा बना लेते है। उन चीजों में सबसे पहले आता है मोबाइल... मोबाइल एक ऐसी चीज है जिनसे बच्चे तो बच्चे...बड़े भी खुद को नही बचा पाए है।आये दिन अखबार में आता है कि सेल्फी के चक्कर मे कई लोग अपनी जान तक गवाँ बैठे है,आज के इस आधुनिक युग मे जहाँ हसबंड ओर वाइफ दोनों ही जॉब करते है....ओर एकल परिवार के चलते बच्चो के पास मोबाइल का होना जरूरी है,ताकि बीच बीच मे बच्चो से बात की जा सके,.....साथ ही बच्चे कौचिंग भी जाते है,इसलिए भी बच्चो के पास मोबाइल का होना बहुत जरूरी है....आजकल तो एंड्रॉइड मोबाइल बच्चो की स्टडी में हेल्प भी करते है। मगर जैसे सिक्के के दो पहलू होते है ,वेसे ही इस मोबाइल को use करने के भी दो पहलू होते है...एक पहलू हमे बहुत सी ज्ञानवर्धक बातें बताता है,तो वही दूसरा पहलू हमे ऐसे रास्ते पर ले जाता है जो हमारे लिए बहुत ही हानिकारक हो सकता है।

इसलिए बच्चो को मोबाइल use का सही तरीका हमे ही सिखाना होगा।आइए जाने की कैसे हम बच्चों को छुड़ाए मोबाइल एडिक्शन की बुरी लत से....

【1】पेरेंट्स को चाहिए कि वो बच्चो को समझाये की मोबाइल का use उन्हें जितना जरूरी हो उतना ही करना चाहिए, साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे अनावश्यक समय मोबाइल पर वेस्ट न करे।

【2】 अगर आपके बच्चे सोशल नेटवर्क साइड जैसे फेसबुक या व्हाटसप का use करते है तो आपको उसकी पूरी जानकारी होनी चाहिए,उनके सभी दोस्तों के बारे में भी आपको पता होना चाहिए।

【3 】पेरेंट्स को भी बच्चो के सामने अपने मोबाइल का कम या जितना जरूरी हो उतना ही use करना चाहिए,क्योंकि बच्चो में कैचिंग पावर बहुत अच्छा होता है,वो जो देखते है वही सीखते है।

【4】कई पेरेंट्स की आदत होती है कि जब बच्चा उन्हें परेशान करता है तो वे लोग बच्चे को मोबाइल दे देते है,ताकि बच्चा game में बिजी हो जाये और वे लोग आराम से अपना काम कर सके। मगर ऐसा कभी भी नही करना चाहिए क्योंकि इससे बच्चे मोबाइल के आदी हो जाते है।

【5】अगर पेरेंट्स दोनों ही जॉब करते है,तो घर आने पर अपने बच्चों के साथ अधिक से अधिक समय बिताए तथा उनसे अच्छे से बात कीजिये ताकि बच्चा अकेलापन ना महसूस करे।क्योंकि बच्चा अकेलेपन की वजह से भी मोबाइल का एडिक्ट हो जाता है।

【6】अगर आपका बच्चा मोबाइल एडिक्शन से ग्रसित है तो जल्दी ही उसकी अच्छे मनोविशेषज्ञ से कॉउंसलिंग कराई जाए तथा उसका ध्यान मोबाइल से हटवा कर अन्य क्रिएटिविटी में लगाने का प्रयास किया जाए।

【7】 जब बच्चे फ्री रहते है तो टाइम पास करने के लिए भी वे लोग अधिक समय मोबाइल पर game खेलते है इसलिए हो सके तो बच्चो को बिजी रखे।उन्हें खेलो में रुचि लेने के लिए प्रेरित करे।

धन्यवाद

Read More

This article was posted in the below categories. Follow them to read similar posts.
LEAVE A COMMENT
Enter Your Email Address to Receive our Most Popular Blog of the Day