मेरी मर्ज़ी # c sec or not
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|   May 17, 2017
मेरी मर्ज़ी # c sec or not

जब एक गर्भवती महिला को बच्चा होता हैं। हर कोई दो सवाल पूछता हैं। 

क्या हुआ ,बेटा या बेटी?

नॉर्मल या आपरेशन?

दोनो ही सवालो पे हमारा बस नही। एक भगवान की मर्ज़ी और दूसरी........

मैं आपसे ज्यादा कुछ नही कहना चाहती इस बारे में। गूगल अंकल के पास सब सवालो का जबाब होता हैं।  google knows everything.और हमारे लिए क्या अच्छा हैं, क्या नही, हमारी डॉक्टर से अच्छा कोई नही जानता।

मैं बस एक दो बातें शेयर करूँगी। 

हमसे पहले की जनरेशन बहुत बूस्ट करती हैं कि उनकी नॉर्मल डिलीवरी हुई थी।पर  हमारे बच्चे आपरेशन से होते हैं। ये सच है कि आज से 30 साल पहले, सो में से 5 महिला को बच्चे आपरेशन से होते है। अगर कोइ फिगर या फैक्ट्स, गलत हो तो मै पहले ही माफी मांगती हूँ। 

मेरी ताई, मम्मी, मामी, चाची, बुआ, मौसी सबको बच्चे नार्मल पैन से हुए। मेरे ससुराल में भी सबको नार्मल डिलीवरी हुई। सिर्फ एक मेरी बड़ी मामी का आपरेशन हुआ था।

ये थी 30 साल पहले की बाद। अब ये सब ताई मम्मी मामी चाची बुआ सब 60 साल की हो गयी हैं। सबका menopause हो गया या करवाया गया। सबको पीरियड्स में प्रॉब्लम आयी और uterus रिमूव करवाना पड़ा। एक उस मामी को कोई प्रॉब्लम नही हुई। हो सकता है ये एक इत्तिफ़ाक़ था पर ऐसा हुआ। डॉक्टर का कहना हैं, नार्मल डिलीवरी में, uterus अपना जगह से हट जाता हैं, और आगे चल कर प्रॉब्लम देता है।

अब एक और मजेदार किस्सा। मेरी एक दूर की जेठानी अमेरिका में रहती है। उनकी सास का फ़ोन आया कि नार्मल डिलेवरी हुई है। सब खुश। उन्होंने कहा 20 टाके आये है। मैं  सोच में पड़ गयी कि नार्मल में 20 स्टिच कैसे। पता चाला की बाहर देशों में ऐसा ही होता हैं। नीचे कट दे कर, बच्चा निकाल लेते हैं। चाहे जितना बड़ा कट क्यों न हो। c sectionमतलब स्किन और uterus दोनो कटते है। पर वहाँ uterus पर कट नही करते। चलो ये भी ठीक। जैसा देश वैसा भेष।

अब मेरी कहानी। मैं फिट न फाइन थी। डॉक्टर ने कहा नार्मल डिलीवरी करेंगे। एक भी दिन , कोई प्रॉब्लम नही हुई थी। लास्ट अल्ट्रासाउंड में आया, बच्चे के गले में ओलनाल फँसी है। डॉक्टर ने कहा फिर भी निर्मल की कोशिश करेंगे। सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक दर्द सहन किया, पर बच्चा नीचे आते ही, उसकी सांसे बंद हो रही थी। डॉक्टर ने कहा अब और नही। हमे बच्चा सही सलामत चाइए। आपरेशन हुआ। बच्चा माँ की गोद में। अगले दिन डॉक्टर ने कहा, तीन बार ओलनल बच्चे के गले मे लिपटी थी। बच्चा ज़िंदा नही होता अगर नार्मल की ज़िद्द करते। अपने जिगर के टुकड़े के लिए हम सब ऐसे दस आपरेशन करवा सकते हैं।

अब और एक बात। कहते हैं ऑपरेशन से वजन बढ़ता है। ऑपरेशन वाली का 55 kg और नार्मल वाली का 90 kg मैंने देखा हैं। इसलिए मुझे ये सब बातें बेबुनियात लगती हैं।

अब रहा कमर के दर्द। बच्चे होने के बाद, हर औरत को आराम चाइए। पहले 40 दिन आराम न कर कर, अलमारियों की सफाई करोंगे तो कमर में दर्द होगा ही। इसमें बिचारे ऑपेरशन या नार्मल डिलीवरी का क्या कसूर।

नॉर्मल या ऑपेरशन, मेरे लिए या आपके लिए ,ये इतनी अहमीयत नही रखनी चाइए। माँ और बच्चा दोनो स्वस्त हो तो, ज़िन्दगी के इस सबसे खूबसूरत पल को सब मिल कर जियो।

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